
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया। यह देश का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा के दौरान दिखाए गए असाधारण साहस, त्वरित निर्णय क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए मिला।
अंतरिक्ष में किया इतिहास
शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन के तहत वर्ष 2025 में अंतरिक्ष यात्रा की। विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद वे दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने स्पेस की इस चुनौतीपूर्ण यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा किया। मिशन के दौरान उन्होंने अंतरिक्ष में मेथी और मूंग जैसी फसलों की खेती कर नई रिसर्च की, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत साबित होगी।
साहस और समर्पण का प्रतीक
अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मिशन की सफलता सुनिश्चित करना, पेशेवर दक्षता, नेतृत्व और शांतचित्त निर्णय लेने की क्षमता—यही कारण बने कि उन्हें यह सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि यह संदेश देती है कि कठिनाइयाँ चाहे जितनी भी बड़ी हों, यदि हृदय में श्रद्धा और कर्म में शक्ति हो, तो आकाश भी सीमा नहीं रह जाता।
भारतीय वायुसेना और देश के लिए गर्व
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि भारतीय वायुसेना और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उनका साहस, समर्पण और नवाचार युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और भविष्य की पीढ़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे।