
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर नई राजनीतिक हलचल सामने आई है। एक अमेरिकी सीनेटर की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग लीक होने से सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके करीबियों के कारण यह डील सुचारू रूप से नहीं हो पा रही।
लीक ऑडियो में क्या खुलासा हुआ
लीक ऑडियो में टेक्सस के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का नाम लिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ व्यापार समझौता रोक रहे हैं। क्रूज ने अपने समर्थकों को बताया कि वह भारत के साथ समझौता कराने के लिए व्हाइट हाउस में संघर्ष कर रहे हैं।
टैरिफ वॉर और रिपब्लिकन पार्टी में दरार
इस ऑडियो लीक के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल आयात करने पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाया था, जिससे कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया। टेड क्रूज ने कहा कि इससे अमेरिकी लोगों की रिटायरमेंट सेविंग्स पर असर पड़ेगा और रिपब्लिकन पार्टी 2026 के मध्यावधि चुनावों में हारेगी। यह खुलासा अमेरिका में ट्रेड डील और टैरिफ वॉर को लेकर पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों को भी उजागर करता है।
टेड क्रूज का भारत पर नजरिया
टेड क्रूज 2028 में राष्ट्रपति पद की संभावित दावेदारी रखने वाले हैं और भारतीय-अमेरिकी संबंधों के समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने 2019 में भारत का दौरा किया था और कहा था कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक सहयोगी हैं। उनके अनुसार भारत ने चीन की आक्रामकता का मुकाबला करते हुए अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत रखा है, और यह साझेदारी क्षेत्र में रणनीतिक महत्व रखती है।
ट्रेड डील पर असर
टेड क्रूज के दावे से यह स्पष्ट होता है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता केवल आर्थिक मामला नहीं है। इसमें अमेरिकी राजनीति की जटिलताएँ भी शामिल हैं। सीनेटर क्रूज जैसे नेता भारत के साथ मजबूत संबंधों के पक्षधर हैं, लेकिन व्हाइट हाउस के भीतर विरोध जारी है। इस स्थिति का असर उन व्यापारियों और कंपनियों पर भी पड़ सकता है जो भारत-अमेरिका व्यापार विस्तार की उम्मीद कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आंतरिक अमेरिकी राजनीतिक मतभेद इस महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर क्या असर डालेंगे और दोनों देशों के बीच वार्ता कब और किस रूप में पूरी होगी।