
ईरान में फंसे शामली के गढ़ीपुख्ता भैंसवाल गांव निवासी मर्चेंट नेवी के कैप्टन विजय कुमार और उनके परिवार के लिए खुशखबरी आई है। चार माह से विदेश में ड्यूटी पर जा रहे कैप्टन विजय की जल्द भारत वापसी की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, ईरान सरकार ने जहाज पर बंधक बनाए गए सभी लोगों को उनके मोबाइल फोन वापस कर दिए हैं। इससे कैप्टन विजय और अन्य बंधक अपने परिवारों से नियमित संपर्क कर पा रहे हैं।
कैप्टन विजय के पिता, सेवानिवृत्त शिक्षक चरण सिंह ने बताया कि अब बेटे से रोजाना फोन पर बातचीत हो रही है। विजय ने बताया कि वे अभी भी ईरान की नेवी की निगरानी में जहाज पर मौजूद हैं, लेकिन मोबाइल फोन मिलने से मनोबल बढ़ा है।
चार से पांच दिन में रिहाई की संभावना
परिवार और सूत्रों के अनुसार, भारत और ईरान के बीच इस मामले को लेकर उच्च स्तर पर लगातार बातचीत जारी है। कैप्टन विजय ने बताया कि भारत के विदेश मंत्री और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हुई चर्चाओं के सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है। इसी के आधार पर, चार से पांच दिनों के भीतर उन्हें और जहाज पर मौजूद 16 भारतीय नागरिकों के साथ दो विदेशी नागरिकों को रिहा किया जा सकता है।
डेढ़ माह से शिप पर बने हुए हैं बंदी
जानकारी के अनुसार, कैप्टन विजय कुमार करीब चार माह पहले अपने गांव भैंसवाल से मर्चेंट नेवी की ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। लगभग डेढ़ माह पहले, जब उनका जहाज अमेरिका से कच्चा तेल लेकर भारत लौट रहा था, तभी ईरान की नेवी ने जहाज को रोक लिया। इसके बाद विजय कुमार समेत 17 अन्य लोगों को बंधक बना लिया गया।