Thursday, June 18

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संविधान पर 264 हस्ताक्षर और एक ऐतिहासिक तस्वीर: जयराम रमेश ने साझा किए 76 साल पुराने तथ्य

 

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नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को संविधान निर्माण की यात्रा के एक ऐतिहासिक पड़ाव को याद करते हुए कहा कि ठीक 76 साल पहले संविधान सभा के 264 सदस्यों ने भारतीय संविधान की तीन प्रतियों पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने बताया कि इसी दिन सदस्यों ने एक साथ ऐतिहासिक तस्वीर भी खिंचवाई थी।

 

रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि 26 नवंबर 1949 को संविधान अपना लिया गया था, और उसके बाद सदस्यों ने तीन प्रतियों (दो अंग्रेजी और एक हिंदी) पर हस्ताक्षर किए। इन हस्तलिखित प्रतियों में शांतिनिकेतन के कलाकारों द्वारा बनाए गए 22 चित्रांकन शामिल थे, जिनका नेतृत्व नंदलाल बोस ने किया था। अंग्रेजी प्रतियों की सुंदर कैलिग्राफी प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने की थी, जबकि हिंदी प्रतियों का कार्य वसंत के. वैद्य ने किया।

 

जयराम रमेश ने बताया कि इन प्रतियों के पहले पन्ने पर राष्ट्रीय प्रतीक अंकित था, जिसे दीनानाथ भार्गव ने डिजाइन किया था। नंदलाल बोस के आग्रह पर उन्होंने कोलकाता के चिड़ियाघर में जाकर शेरों का अध्ययन किया, ताकि प्रतीक में बने शेर बिल्कुल असली जैसा दिखें।

 

उन्होंने यह भी कहा कि अगस्त 1954 में स्थापित ललित कला अकादमी ने इस चित्रित संविधान को ‘मौलिक कला ग्रंथ’ बताया, जो भारत के बहुस्तरीय इतिहास और विविधता में एकता के सूत्रों का उत्सव मनाता है। रमेश ने जोर देकर कहा, “उसी दिन सदस्यों ने सामूहिक तस्वीर खिंचवाई थी, जो समय से परे, एक ऐतिहासिक स्मृति बन गई।”

 

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