
सवाई माधोपुर।
रणथंभौर नेशनल पार्क में गुरुवार शाम एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने जंगल की क्रूर छवि के बीच मासूमियत की झलक दिखा दी। मलिक तालाब के पास सफारी के दौरान बाघिन रिद्धि के ढाई साल के नर शावक ने एक बगुले को अपने मुंह में दबोच लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसे बिना कोई नुकसान पहुंचाए जिंदा छोड़ दिया। यह नजारा देखकर वहां मौजूद देसी-विदेशी पर्यटक पहले सन्न रह गए, फिर रोमांच से भर उठे।
शिकार नहीं, खेल बन गया पल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तालाब के किनारे घूम रहे बाघ शावक की नजर अचानक बगुले पर पड़ी। पल भर में उसने बगुले को पंखों से पकड़ लिया और करीब पांच मिनट तक उसे मुंह में दबोचे रहा। बगुला खुद को छुड़ाने के लिए पंख फड़फड़ाता रहा। इस दौरान कई बार ऐसा लगा कि शिकार पूरा हो गया है, लेकिन तभी बाघ बैठ गया और बगुला उसके पंजों के पास से निकलकर सुरक्षित उड़ गया।
पर्यटकों ने कैमरे में कैद किया दुर्लभ दृश्य
बाघ और बगुले के इस अनोखे ‘क्यूट मोमेंट’ को पर्यटकों ने मोबाइल और कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। जंगल में आमतौर पर जीवन-मरण की लड़ाई देखने वाले पर्यटकों के लिए यह दृश्य बिल्कुल अलग और चौंकाने वाला था।
जंगल की ट्रेनिंग का दौर
वन विभाग के अनुसार, बाघिन रिद्धि (T-124) के दोनों शावक फिलहाल जंगल में जीवन की बारीकियां सीख रहे हैं। शिकार के साथ-साथ खेल और अभ्यास भी उनके विकास का हिस्सा है। इससे पहले भी इन शावकों के पेड़ों पर चढ़ने और अठखेलियां करने के वीडियो सामने आ चुके हैं।
रणथंभौर का यह दृश्य एक बार फिर साबित करता है कि जंगल सिर्फ हिंसा का नहीं, बल्कि सीख, खेल और संतुलन का भी संसार है।