
गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में रहस्यमयी बुखार से बच्चों और ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। शुक्रवार को जिले के बहादीपुर गांव में मेडिकल कैंप लगाया गया, जिसमें प्रभावित बच्चों की जांच और हिस्ट्री दर्ज की गई। अब पूरे जिले में ऐसे मरीजों का सर्वे किया जाएगा।
मेडिकल टीम ने बताया कि गाजीपुर के बहादीपुर, फतेहउल्लापुर, हरिहरपुर, धारीकला, तारडीह, राठौली समेत 11 गांवों में रहस्यमयी बुखार के मामलों में बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम हो चुके हैं। अब मेडिकल कॉलेज में इन सभी बच्चों की जांच करवाई जाएगी।
मेडिकल कैंप के साथ सरकारी सर्वे
प्रभावित गांवों में मेडिकल कैंप के साथ दिव्यांग पेंशन, राशन कार्ड और शौचालय जैसी सरकारी योजनाओं के लिए भी सर्वे किया जा रहा है। ग्रामीणों से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं ताकि उन्हें राहत और सुविधाएं मिल सकें।
प्रभावित बच्चों के परिवारों ने बताए लक्षण
9 साल की पूजा बिंद: जन्म के एक साल बाद बुखार, हाथ-पैर कांपने लगे, दृष्टि कमजोर।
13 साल की अंतिमा: आठ साल पहले बुखार, न सुन-समझ पाती हैं, न बोल पाती। झटके आते हैं।
2 साल के आर्निक: पैर कमजोर, न खड़ा हो पाता, न बोल पाता।
10 महीने की आरुषि: आठ महीने पहले बुखार, सांस लेने में दिक्कत, हाथ-पैर टेढ़े।
16 साल के अंकित यादव: हाथ-पैर टेढ़े, झटके आने पर मारने दौड़ता है।
9 महीने की आयांशी: जन्म के दो महीने बाद बीमार, न उठ-बैठ पाती, न चल पाती।
8 साल के सिद्धार्थ: जन्म के दो साल बाद तेज बुखार, पैर टेढ़े हो गए।
मेडिकल और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अब पूरे जिले में जहां भी रहस्यमयी बुखार के मामले सामने आएंगे, वहां जांच और सर्वे किया जाएगा ताकि बच्चों और प्रभावित परिवारों को समय पर चिकित्सा सहायता और सरकारी सुविधाएं मिल सकें।