
छपरा (सारण): आज 24 जनवरी को देश राष्ट्रीय बालिका दिवस मना रहा है। इस अवसर पर हम बिहार के सारण जिले के एक पिता की प्रेरक कहानी बता रहे हैं। एकमा निवासी कमल सिंह की सात बेटियों ने समाज की रूढ़िवादी सोच को चुनौती दी और अपने पिता का नाम रोशन किया। लोग उन्हें प्यार से ‘सेवन सिंह सिस्टर’ के नाम से जानते हैं।
कमल सिंह एक साधारण आटा मिल संचालक हैं। आर्थिक सीमाओं और सामाजिक दबावों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सुबह 4 बजे से रात 11 बजे तक बेटियों की पढ़ाई और फिजिकल ट्रेनिंग की निगरानी कर उनके उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित किया।
आज उनकी सातों बेटियां ‘खाकी’ की शान बढ़ा रही हैं। सबसे बड़ी बेटी रानी कुमारी बिहार पुलिस में, रेनू कुमारी सशस्त्र सीमा बल (SSB) में, सोनी कुमारी CRPF में, प्रीति कुमारी बिहार पुलिस क्राइम ब्रांच में, पिंकी कुमारी एक्साइज पुलिस में, रिंकी कुमारी बिहार पुलिस में और नन्ही कुमारी गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) में सेवारत हैं। अपनी सफलता और माता-पिता के सम्मान में उन्होंने ‘सिंह सिस्टर पैलेस’ नामक चार मंजिला मकान भी बनवाया।
सिंह बहनों की यह कहानी बिहार और देश के लिए प्रेरणा है कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि वरदान होती हैं, बस उन्हें अवसर और भरोसे की जरूरत होती है।