
हड्डियां शरीर की ताकत, संतुलन और स्थिरता की बुनियाद हैं। लेकिन सही पोषण न मिलने पर हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं, जिससे ऑस्टियोपेनिया जैसी समस्याएं सामने आती हैं। अक्सर यह कमजोरी तब तक पता नहीं चलती, जब तक फ्रैक्चर या डेक्सा स्कैन नहीं करवा लिया जाता।
कपाड़िया हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राहुल मोदी के अनुसार, हड्डियों की कमजोरी को शुरूआती चरण में ही ठीक किया जा सकता है, और इसके लिए सिर्फ कैल्शियम टैबलेट नहीं, बल्कि संपूर्ण पोषण और सही लाइफस्टाइल जरूरी है।
हड्डियों को चाहिए ये पोषक तत्व
कैल्शियम – हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए
विटामिन डी – कैल्शियम अवशोषण में मदद करता है
फॉस्फोरस, पोटैशियम, जिंक, आयरन, कॉपर, विटामिन के – हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए
इन्हें अपनी डाइट में शामिल करें
दूध, दही, छाछ, लस्सी – रोजाना नाश्ता और डिनर में शामिल करें
रागी की खिचड़ी/रोटी, दलिया, रागी डोसा – दिन में एक बार जरूर खाएं
तिल, अलसी के बीज, बादाम, अखरोट – थोड़ी मात्रा में लें
विटामिन डी:
अंडे का पीला भाग, ऑयली फिश, फोर्टिफाइड दूध
सब्जियां थोड़ा तेल में बनाएं ताकि फैट सॉल्यूबल विटामिन अवशोषित हो सके
रोजाना 15-30 मिनट की धूप लें
प्रोटीन:
दाल, दही, पनीर, अंडा, सोया या मछली
सीरियल्स के साथ दाल का सेवन करें
बुजुर्गों को शारीरिक वजन के प्रति 1-1.2 ग्राम प्रोटीन रोजाना लेना चाहिए
रंग-बिरंगी सब्जियां और फल:
रोज 2-3 कप सब्जियां
1 कप हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, चौलाई, अमरंथ
1-2 फल विशेष रूप से आंवला, संतरा, अमरूद, पपीता, नींबू
अनाज:
सप्ताह में 3-4 बार रागी, ज्वार, बाजरा, ओट्स
दूध/दही के साथ नट्स और सीड्स
हड्डियों के लिए बचने योग्य गलतियां
सिर्फ कैल्शियम के पीछे भागना, अन्य पोषक तत्वों की अनदेखी करना
हरी पत्तेदार सब्जियां और साबुत अनाज न खाना
नमक, अचार, मीठे फूड्स का अधिक सेवन
महिलाओं, किशोरों, बुजुर्गों और कम भूख वाले लोगों को पोषण पर खास ध्यान
डाइट के अलावा ध्यान देने योग्य बातें
हफ्ते में 5 दिन, 30-45 मिनट की रनिंग, जॉगिंग, रस्सी कूद जैसी वेट-बियरिंग एक्सरसाइज
2-3 बार वेट ट्रेनिंग
योग और धूप लेना
स्मोकिंग, शराब, सोडा, अत्यधिक कॉफी-चाय से बचना
7-8 घंटे नींद
तनाव कम करने के लिए डीप ब्रीदिंग और मेडिटेशन
हेल्दी बॉडी वेट और थायरॉइड बैलेंस बनाए रखना
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी और व्यक्तिगत सलाह के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।