
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का जश्न शनिवार से पूरे प्रदेश, देश और विदेश में मनाया जाएगा। राज्य सरकार इस अवसर को वैश्विक स्तर पर मनाने की तैयारी कर रही है। मुख्य कार्यक्रम राजधानी लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर होगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
इस मौके पर अपने हुनर और योगदान के लिए प्रदेश के पांच मूल निवासियों को ‘यूपी गौरव’ सम्मान से नवाजा जाएगा। इनमें अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, शिक्षा और एडटेक क्षेत्र के अग्रणी अलख पांडेय, साहित्य एवं शिक्षा में योगदान देने वाले हरिओम पवार, कृषि विज्ञान में विशेषज्ञ डॉ. सुधांशु सिंह, और सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र में काम करने वाली रश्मि आर्य शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर मुख्य आयोजन कला, संस्कृति, सम्मान, विकास और भविष्य की योजनाओं के रंगों से सजाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन (ODOC) योजना की भी औपचारिक शुरुआत करेंगे। इस योजना के तहत प्रदेश के हर जिले के प्रमुख व्यंजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग दी जाएगी। इसके अलावा, युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरदार पटेल एंप्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन योजना का भी शुभारंभ किया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रदेश की फ्लैगशिप योजनाओं में बेहतर काम करने वालों का सम्मान भी किया जाएगा। पिछले साल लॉन्च हुई सीएम युवा योजना के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों—जौनपुर, आजमगढ़, हरदोई, अंबेडकरनगर और झांसी के जिलाधिकारी—को विशेष सम्मान मिलेगा। पांच विभूतियों को यूपी गौरव पुरस्कार के रूप में 11-11 लाख रुपये भी प्रदान किए जाएंगे। वहीं, ‘विकसित भारत-विकसित यूपी’ की थीम पर प्रदर्शनी में राज्य की विकास यात्रा की झलक दिखाई जाएगी।
यूपी गौरव पुरस्कार पाने वाले प्रमुख व्यक्ति:
डॉ. सुधांशु सिंह (वाराणसी): कृषि विज्ञान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योगदान, फ्लड-टॉलरेंट चावल पर रिसर्च।
शुभांशु शुक्ला (लखनऊ): एयरफोर्स फाइटर पायलट, अंतरिक्ष में नासा के जरिए भारत के दूसरे व्यक्ति के रूप में यात्रा।
हरिओम पवार (बुलंदशहर): शिक्षा और साहित्य में योगदान, कई साहित्यिक पुरस्कार।
अलख पांडेय (प्रयागराज): ‘Physics Wallah’ एडटेक कंपनी के संस्थापक, शिक्षा क्षेत्र में योगदान।
रश्मि आर्य (मेरठ): कन्या शिक्षा और गुरुकुल प्रणाली में योगदान, 600 जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा।
उत्तर प्रदेश सरकार इस स्थापना दिवस को ‘विकसित प्रदेश, विकसित भारत’ की दिशा में एक प्रेरक उत्सव के रूप में मना रही है।