
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में प्रशासनिक दबंगई का गंभीर मामला सामने आया है। हॉस्टल के खराब खाने और पानी की गुणवत्ता की शिकायत करना एक इंटर्न डॉक्टर को भारी पड़ गया। आरोप है कि चीफ वॉर्डन ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इंटर्न डॉक्टर की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिसमें डॉक्टर का सिर फट गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही कॉलेज परिसर में भारी हंगामा और प्रदर्शन शुरू हो गया।
नगर कोतवाली क्षेत्र के असेनी मोड़ स्थित मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर इंटर्नशिप कर रहे डॉ. प्रशांत प्रभाकर विश्वास ने हॉस्टल में दिए जा रहे भोजन और पानी की खराब गुणवत्ता को लेकर चीफ वॉर्डन से शिकायत की थी। आरोप है कि शिकायत सुनते ही चीफ वॉर्डन रोहित सिंह आपा खो बैठे और उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर डॉक्टर पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
लोहे की रॉड से सिर पर वार, वीडियो हुआ वायरल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के दौरान डॉक्टर के सिर पर गंभीर चोट लगी और खून बहने लगा। मारपीट के कई वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद कॉलेज के छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश फैल गया।
छात्रों का उग्र प्रदर्शन, परिसर में तनाव
घटना के विरोध में सैकड़ों छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में पढ़ाई के नाम पर मोटी फीस वसूली जाती है, लेकिन हॉस्टल में न तो साफ-सफाई है और न ही पौष्टिक भोजन। विरोध करने पर छात्रों को डराया-धमकाया जाता है और कॉलेज में दबंगई का माहौल बना हुआ है।
छात्रों ने यह भी कहा कि यह पहला मौका नहीं है, जब मेयो मेडिकल कॉलेज विवादों में घिरा हो। इससे पहले भी कॉलेज प्रबंधन को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने की सूचना पर सीओ सिटी संगम कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने छात्रों से संवाद कर स्थिति को नियंत्रित किया और कानून व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद हालात पर काबू पाया जा सका।
चीफ वॉर्डन हटाए जाने पर शांत हुए छात्र
बढ़ते तनाव को देखते हुए कॉलेज की चेयरपर्सन और डायरेक्टर डॉ. मधुलिका सिंह स्वयं मौके पर पहुंचीं। उन्होंने लाउडस्पीकर के माध्यम से छात्रों को संबोधित करते हुए आरोपी चीफ वॉर्डन को तत्काल पद से हटाने और नए वॉर्डन की नियुक्ति की घोषणा की। इसके बाद जाकर छात्र शांत हुए।
डॉ. मधुलिका सिंह ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि कॉलेज में किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
घायल डॉक्टर का मेडिकल, जांच की तैयारी
नगर कोतवाली प्रभारी सुधीर सिंह ने बताया कि घायल इंटर्न डॉक्टर को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। डॉक्टर के सिर में गंभीर चोट के अलावा पीठ और कंधे पर भी चोटें आई हैं। पुलिस का कहना है कि पीड़ित की तहरीर मिलने के बाद मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी।