Friday, January 23

अमेरिकी अस्पताल का कड़वा सच: इमरजेंसी रूम का ₹5 लाख बिल, NRI ने बताया अनुभव

वॉशिंगटन। अमेरिका में रहने वाले भारतीय पार्थ विजयवर्गीय ने हाल ही में अपने अनुभव का वीडियो साझा कर अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम की महंगाई का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि घुटने की चोट के चलते इमरजेंसी रूम में 1.5 घंटे रहने का बिल उन्हें लगभग 5 लाख रुपये का आया।

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घटना का विवरण:
पार्थ ने बताया कि 25 दिसंबर को वह अपनी पत्नी और बहन के साथ न्यूयॉर्क में आइस-स्केटिंग कर रहे थे, जहां उन्हें चोट लगी। दर्द को देखते हुए उन्होंने हॉस्पिटल के इमरजेंसी रूम जाने का निर्णय लिया। उन्होंने एंबुलेंस की जगह टैक्सी का इस्तेमाल किया, क्योंकि अमेरिका में एंबुलेंस का खर्च अत्यधिक है।

महंगा बिल देखकर दंग रह गए NRI:
इमरजेंसी रूम में डॉक्टरों ने एक्स-रे किया और घुटने की मांसपेशियों की चोट का इलाज किया। तीन हफ्ते बाद बिल आने पर पार्थ हैरान रह गए। उनकी इंश्योरेंस कंपनी ने 1,800 डॉलर (लगभग 1.5 लाख रुपये) चार्ज किया। इसके अलावा अन्य खर्च लगभग 4,000-4,500 डॉलर (3.3–3.7 लाख रुपये) आए। कुल मिलाकर यह राशि लगभग 5 लाख रुपये बनी।

वीडियो और सोशल मीडिया रिएक्शन:
पार्थ ने वीडियो में हॉस्पिटल की फुटेज और मेडिकल तस्वीरें साझा कीं और बताया कि अमेरिका में इलाज विश्वस्तरीय है लेकिन महंगा है। उनके वीडियो पर कमेंट करने वाले कई लोगों ने भारत और अमेरिका के हेल्थकेयर सिस्टम की तुलना की। एक यूजर ने लिखा, “सिंपल एक्स-रे और पट्टी का खर्च इतना ज्यादा नहीं होना चाहिए। भारत में यह बहुत सस्ता पड़ता है।”

पार्थ विजयवर्गीय के अनुभव ने यह स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका में मेडिकल सेवाएं उच्च स्तर की होने के बावजूद बेहद महंगी हैं, जबकि भारत में सीमित संसाधनों के बावजूद इलाज सस्ता और आसान है।

 

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