
नई दिल्ली: चांदी की कीमतों में पिछले साल की तेज बढ़त के बाद इस साल भी तेजी जारी है। जनवरी 2026 में चांदी की कीमत अब तक 38 फीसदी बढ़ चुकी है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन बाद में कीमतों में फिर उछाल आया। इस बीच MCX पर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप लगे हैं।
क्या है मामला?
ऑल इंडिया जूलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने वित्त मंत्री को 21 जनवरी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि MCX पर चांदी के डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स स्पॉट–लिंक्ड बेंचमार्क से लगभग 40,000 रुपये प्रति किलो प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे थे। फेडरेशन का कहना है कि यह अचानक और तेज डिसलोकेशन चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की अफवाहों के कारण हुआ। पत्र पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा और राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया के हस्ताक्षर हैं।
MCX का जवाब
MCX ने इन आरोपों का खंडन किया है। इसके प्रवक्ता ने बताया कि उनके पास मजबूत निगरानी तंत्र है और सभी नियमों के अनुसार ही काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि चांदी के बाजारों में हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रम और स्थानीय परिस्थितियों के कारण उतार-चढ़ाव देखे जा रहे हैं। MCX पर तय कीमतें करेंसी, ड्यूटी और स्थानीय बाजार की चाल के अनुसार ही निर्धारित होती हैं।
बाजार की स्थिति
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में चांदी और सोने के ETF लगभग 20% गिर गए, लेकिन दिन के अंत तक यह गिरावट करीब 11% तक सीमित रही। MCX पर:
- मार्च डिलीवरी के लिए चांदी के कॉन्ट्रैक्ट्स 2.7% गिर गए
- फरवरी डिलीवरी के लिए सोने के कॉन्ट्रैक्ट्स 0.8% नीचे बंद हुए
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों का 48.50 डॉलर प्रति औंस तक बढ़ना, निवेशकों की बढ़ती मांग और बाजार में अफवाहें प्रमुख कारण हैं।