
भोपाल: कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने वाले मंत्री विजय शाह एक बार फिर चर्चा में हैं। रतलाम जिले में गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।
विजय शाह ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रही कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में विवादित टिप्पणी की थी। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी ने की और अपनी रिपोर्ट कोर्ट में सौंप दी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि दो सप्ताह के भीतर विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी जाए।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से आदेश मिलने के बावजूद, एमपी सरकार ने उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनाने का फैसला किया, जिसे लेकर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कांग्रेस ने कहा कि ऐसा व्यक्ति, जिसने देशभक्ति से जुड़े मामलों में अपमानजनक बयान दिया हो, तिरंगा फहराने के लिए चुना जाना अनुचित है।
बीजेपी ने इस फैसले का बचाव किया है। विवाद के समय विजय शाह ने माफी मांगी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। अब मामले ने एमपी में सियासी रंग ले लिया है और कांग्रेस ने उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया था।
इस घटनाक्रम ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और राजनीतिक नियुक्तियों के बीच संतुलन किस तरह रखा जाएगा।