
बालाघाट (मध्य प्रदेश): जिले में साइबर अपराध से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने 22 म्यूल बैंक खातों की पहचान की है, जिनके माध्यम से करीब 15 लाख रुपए का लेनदेन किया गया।
सीएसपी वैशाली सिंह कराहलिया ने बताया कि सूचना मिलते ही सभी संदिग्ध खातों को ब्लॉक और सीज कर दिया गया। खाताधारकों को पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं।
जांच में सामने आया है कि 22 में से लगभग 20 खाताधारक निर्दोष पाए गए हैं। हालांकि, दो खाताधारकों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह बालाघाट जिले में पहला मामला है, जब नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से इतनी बड़ी संख्या में म्यूल खातों की जानकारी एक साथ मिली। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि इन खातों के जरिए धोखाधड़ी की रकम कहां से आई और किन-किन लोगों तक पहुंची।
म्यूल अकाउंट क्या होते हैं:
सीएसपी ने बताया कि म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी धोखाधड़ी की रकम को इधर-उधर करने के लिए करते हैं। कई बार खाताधारकों को यह जानकारी तक नहीं होती कि उनके खाते अपराध में इस्तेमाल हो रहे हैं।
जांच अब भी जारी है और अधिकारियों का कहना है कि आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।