
मेरठ। उत्तर प्रदेश की सरधना विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान और पूर्व विधायक व भाजपा नेता संगीत सोम के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। बीफ और मीट कारोबार से जुड़े आरोपों को लेकर दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग अब खुलकर सामने आ गई है। अतुल प्रधान के तीखे आरोपों के बाद संगीत सोम का जवाब भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने पूरे मामले को हल्के अंदाज में टालने की कोशिश की है।
अतुल प्रधान के गंभीर आरोप
सपा विधायक अतुल प्रधान ने एक वायरल वीडियो में संगीत सोम पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर संगीत सोम खुद को हिंदूवादी नेता बताते हैं, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम दोस्तों के साथ मिलकर मीट और बीफ का कारोबार करते हैं। अतुल प्रधान ने यह भी दावा किया कि संगीत सोम की सुरक्षा पर पिछले 11 वर्षों में सरकार द्वारा करीब 66 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने पुराने हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि संगीत सोम पर पहले भी गोबर से सने हैंड ग्रेनेड से हमला हुआ था और गोलियां चली थीं, लेकिन इन मामलों का आज तक खुलासा नहीं हुआ। अतुल प्रधान ने इन सभी मामलों की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
संगीत सोम का जवाब
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए संगीत सोम ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अतुल प्रधान मेरा छोटा भाई है। छोटे भाई की बातें माफ होती हैं, वह बोलता रहता है।”
बीफ फैक्ट्री और मीट कारोबार से जुड़े सवालों पर उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “मीट फैक्ट्री से शायद वह मीट ले जाते होंगे, मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।”
संगीत सोम ने सीधे तौर पर आरोपों का खंडन या स्वीकार नहीं किया, बल्कि उन्हें व्यक्तिगत टिप्पणी बताकर टाल दिया।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस पूरे विवाद ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। एक ओर सपा विधायक लगातार भाजपा नेता पर हमलावर हैं, तो दूसरी ओर संगीत सोम आरोपों को गंभीरता से लेने के बजाय सियासी बयानबाजी करार दे रहे हैं।
फिलहाल यह देखना अहम होगा कि यह मामला केवल जुबानी जंग तक सीमित रहता है या जांच और कार्रवाई की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाता है।