Thursday, January 22

आधार और मोबाइल लिंक के नाम पर साइबर ठगी का नया तरीका, लाखों का चूना लगने का खतरा

 

This slideshow requires JavaScript.

 

नडियाद, गुजरात: अगर आपने भी अपने आधार कार्ड और मोबाइल नंबर को लिंक कराया है, तो सतर्क रहने का समय है। हाल ही में गुजरात के नडियाद में साइबर अपराधियों ने एक नया ठगी का तरीका अपनाया, जिसने आम लोगों के साथ-साथ प्रशासन की भी नींद उड़ा दी।

 

पुलिस के अनुसार, इस मामले में पीड़ित नवलकिशोर सिंह बोहरा ने हाल ही में अपना आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर बदला था। इसके ठीक पहले उनके पुराने सिम का नेटवर्क अचानक गायब हो गया। जब वे टेलीकॉम सेंटर पहुंचे तो पता चला कि उनका आधार कार्ड कैंसिल हो चुका है। इस वजह से उनका नया सिम भी सक्रिय नहीं हो पाया।

 

ठगी का तरीका:

साइबर अपराधियों ने पीड़ित के आधार और बैंक खातों की जानकारी जुटाने के बाद उनके आधार और सिम कार्ड को ब्लॉक करवा दिया। इससे बैंक खातों में होने वाले ट्रांजैक्शन के अलर्ट और OTP पीड़ित तक नहीं पहुंचे। इस दौरान अपराधियों ने HDFC और SBI बैंक खातों से कुल 3.09 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।

 

बिना OTP कैसे हुई ठगी:

पुलिस ने बताया कि इस वारदात में अपराधियों को किसी OTP की जरूरत नहीं पड़ी। सिम और आधार की ब्लॉकिंग के कारण पीड़ित को अपने बैंक खातों के खाली होने का पता ही नहीं चला।

 

सावधानी के उपाय:

 

अगर आपके सिम का नेटवर्क अचानक गायब हो जाए तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें।

संदिग्ध गतिविधि पर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

आधार और मोबाइल लिंक से संबंधित किसी भी बदलाव पर पूरी तरह सतर्क रहें।

 

नडियाद पुलिस ने अब बैंक और टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर उन खातों की तलाश शुरू कर दी है, जिनमें पैसा भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि यह साइबर अपराधियों का नया और खतरनाक तरीका है, जिससे बचाव बेहद जरूरी है।

 

 

Leave a Reply