Thursday, January 22

देर रात खाने से हो सकता है डिस्बायोसिस, लक्षण हैं गैस-अपच और नींद न आना

नई दिल्ली: आधुनिक जीवनशैली में देर रात खाना और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन आम हो गया है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत आपके गट (आंत) और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।

This slideshow requires JavaScript.

क्या होता है देर रात खाने से?
शरीर का सर्काडियन रिदम यानी जैविक घड़ी हमारे पाचन और शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती है। देर रात खाने से यह रिदम बिगड़ जाता है और आंतों को आराम नहीं मिल पाता। परिणामस्वरूप एसिडिटी, एसिड रिफ्लक्स, गैस, अपच, पोषण का कम अवशोषण और मेटाबॉलिक समस्याएं होने लगती हैं।

गट बैक्टीरिया का असंतुलन
प्रोसेस्ड फूड में अधिक रिफाइंड शुगर, अनहेल्दी फैट और कैमिकल्स होते हैं, जबकि फाइबर और पोषक तत्व कम होते हैं। लंबे समय तक ऐसे खाने से आंतों में हेल्दी बैक्टीरिया कम और अनहेल्दी बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। इसे डिस्बायोसिस कहा जाता है।

डिस्बायोसिस से आंतों की अंदरूनी दीवार कमजोर हो सकती है, सूजन बढ़ सकती है और इम्यून सिस्टम पर बुरा असर पड़ सकता है। रिसर्च के अनुसार, ज्यादा प्रोसेस्ड फूड लेने से आईबीएस, मोटापा और मूड डिसऑर्डर का खतरा बढ़ जाता है।

खराब गट हेल्थ के अन्य असर
गट हेल्थ केवल पाचन को प्रभावित नहीं करती, बल्कि यह दिमागी स्वास्थ्य और इम्यूनिटी पर भी असर डालती है। कमजोर इम्यूनिटी से बार-बार संक्रमण, हॉर्मोन असंतुलन, नींद की दिक्कत और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये आदतें:

  • फाइबर युक्त फल, सब्ज़ियां, दाल और साबुत अनाज खाएं।
  • रात में देर से खाने से बचें; सोने से 2-3 घंटे पहले खाना खा लें।
  • प्रोसेस्ड फूड की जगह ताजा और पौष्टिक खाना चुनें।
  • पर्याप्त पानी पिएं और दही, छाछ, केफिर या किमची जैसे फर्मेंटेड फूड का सेवन करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। एनबीटी इसकी सत्यता या असर की जिम्मेदारी नहीं लेता। यह किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। अधिक जानकारी के लिए हमेशा डॉक्टर से संपर्क करें।

 

Leave a Reply