
भदोही: प्रयागराज में संगम स्नान को लेकर उत्पन्न विवाद पर विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए हिंदू समाज से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संगम स्नान जैसी पवित्र धार्मिक परंपरा पर विवाद होना अत्यंत दुखद है और इससे संपूर्ण हिंदू समाज आहत हुआ है।
डॉ. तोगड़िया ने कहा कि प्रयागराज संगम स्नान को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश और देशभर में चर्चाएं हो रही हैं। आम लोग और पत्रकार इस विषय पर उनसे लगातार सवाल कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं स्वयं बेहद दुखी हूं। यह केवल मेरी पीड़ा नहीं है, बल्कि पूरे हिंदू समाज की चिंता है।”
उन्होंने हिंदू एकता पर जोर देते हुए कहा कि “हिंदू बटेगा तो कटेगा” कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि इतिहास और अनुभव से उपजी सच्चाई है। आज जब हिंदू समाज प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है, ऐसे समय में आंतरिक मतभेद उसे कमजोर कर सकते हैं।
डॉ. तोगड़िया ने हिंदू धर्म की प्राचीन परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ढाई हजार वर्ष पुरानी आदि जगद्गुरु शंकराचार्य परंपरा और गोरखनाथ पीठ जैसी संस्थाएं सदैव समाज को जोड़ने और दिशा देने का कार्य करती रही हैं। संगम स्नान जैसे पवित्र अवसर पर इन परंपराओं से जुड़ा विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति को शंकराचार्य या पूजनीय संतों को निर्देश देने का अधिकार नहीं है, लेकिन एक जागरूक हिंदू होने के नाते वे यह अपील अवश्य करते हैं कि यह विवाद शीघ्र समाप्त किया जाए। सभी संप्रदायों, संतों और परंपराओं का सम्मान बना रहना चाहिए, ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय या तनाव के संगम स्नान कर सकें।
डॉ. तोगड़िया ने विश्वास व्यक्त किया कि पूजनीय महंत अवैद्यनाथ जी की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूजनीय शंकराचार्य मिलकर इस संवेदनशील विषय का समाधान निकालेंगे। उन्होंने कहा कि संतों के मार्गदर्शन में यह विवाद शांत होगा और सनातन परंपरा की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहेगी।
अंत में, डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने हिंदू समाज से संयम, आपसी सम्मान और एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान समय में यही सबसे बड़ी आवश्यकता है।