
नोएडा: 16 जनवरी की रात नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की कार पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। कार में फंसे युवराज ने दो घंटे तक मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन बाहर नहीं निकल पाए। घटना में 27 वर्षीय इंजीनियर की मौत हो गई।
युवराज के दोस्त पंकज ने बताया कि उस रात वह और युवराज गुड़गांव से 9 बजे घर लौट रहे थे। करीब 10.30 बजे युवराज के पिता राजकुमार का फोन आया। युवराज ने कहा कि पापा आधे घंटे में घर आकर साथ खाना खाएंगे। यह उनके पिता के साथ अंतिम भोजन का इंतजार ही बनकर रह गया।
घटना के चार दिन बाद एनडीआरएफ की टीम ने युवराज की कार को पानी से बाहर निकाला। कार की हालत बहुत खराब थी, शीशे और सनरूफ टूटे हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी के अत्यधिक दाब के कारण यह नुकसान हुआ। कार बरामद होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि कहीं कार में कोई तकनीकी खराबी हादसे का कारण तो नहीं बनी।
इस हादसे के बाद यूपी सरकार ने नोएडा के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया। मुख्यमंत्री के आदेश पर तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) की स्थापना की गई है, जो इस घटना की निष्पक्ष और गहन जांच करेगा।
सैक्टर 150 में मॉल के बेसमेंट निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में लापरवाही के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। युवराज के पिता और परिवार इस त्रासदी से गहरे सदमे में हैं।