
नई दिल्ली: साल 2026 की शुरुआत में चांदी में तेजी रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसका असर सिल्वर ईटीएफ पर भी दिखाई दे रहा है। इस साल कई सिल्वर ईटीएफ ने 40% से अधिक रिटर्न दे दिया है।
एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 10 हजार रुपये से अधिक उछलकर दोपहर 2 बजे 3.34 लाख रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी। पिछले 21 दिनों में कमोडिटी ईटीएफ ने 25% से ज्यादा रिटर्न दिया, जबकि टाटा सिल्वर ईटीएफ FoF ने सबसे अधिक 42% रिटर्न रिकॉर्ड किया। निप्पॉन इंडिया और एक्सिस सिल्वर ईटीएफ ने भी 37% से अधिक रिटर्न दिया, और बंधन सिल्वर ईटीएफ ने 40% से ऊपर रिटर्न दिखाया।
निवेशकों के लिए सुझाव: चॉइस वेल्थ के हेड अक्षत गर्ग का कहना है कि नए निवेशक अपने डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में 5 से 10% तक सिल्वर ईटीएफ जोड़ सकते हैं। जो लोग पहले से निवेश कर चुके हैं, उन्हें मौजूदा स्तर पर बिकवाली से बचना चाहिए, क्योंकि चांदी के भाव को सपोर्ट करने वाले कारक अभी भी मौजूद हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्रीय बैंकों की खरीद, ब्याज दरों में नरमी और औद्योगिक मांग चांदी के बढ़ते भाव को मजबूत कर रहे हैं। टाटा म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट में कहा गया है कि चांदी मध्यम से लंबी अवधि में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। निवेशक इस अस्थिरता को देखते हुए एसआईपी या किस्तों में निवेश करके चांदी में हिस्सेदारी कर सकते हैं।
पिछले एक साल में सिल्वर ईटीएफ ने शानदार प्रदर्शन किया है। टाटा सिल्वर ईटीएफ ने 200% से अधिक, निप्पॉन इंडिया ने 212%, और यूटीआई सिल्वर ईटीएफ ने 206% रिटर्न दिया।