Wednesday, January 21

खाकी में बिहार की बेटियों का दम, यूपी-दिल्ली को पीछे छोड़ देश में नंबर 1

 

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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 21 जनवरी को सारण जिले की अपनी यात्रा के दौरान दावा किया कि बिहार में महिला पुलिसकर्मियों की हिस्सेदारी पूरे देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के मोर्चे पर बिहार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है और अब खाकी में बिहार की बेटियां मजबूती से अपनी पहचान बना रही हैं।

 

आंकड़ों में बिहार की बढ़त

Bureau of Police Research and Development (BPR&D) के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, बिहार पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी 23.66 प्रतिशत रही, जो देश में सबसे अधिक है। कुल पुलिस बल 1.1 लाख होने के बावजूद, बिहार में 31,882 महिला पुलिसकर्मी हैं।

 

इसके मुकाबले:

 

उत्तर प्रदेश: कुल पुलिस बल लगभग 4 लाख, महिला पुलिसकर्मी 33,000 (भागीदारी 10.49%)

दिल्ली: कुल पुलिस बल लगभग 1 लाख, महिला पुलिसकर्मी 12,000 (भागीदारी 14.8%)

 

देश में कुल वास्तविक पुलिस बल लगभग 21 लाख है, जिसमें केवल 2.63 लाख महिलाएं हैं, यानी औसत महिला भागीदारी महज 12.32 प्रतिशत।

 

भर्ती में भी बिहार आगे

महिला भर्ती के मामले में बिहार लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। 2021 में पुलिस में शामिल हुए 1,582 सब-इंस्पेक्टरों में 596 महिलाएं थीं, जो लगभग 38 प्रतिशत बैठता है। हालांकि राज्य में महिलाओं के लिए 38 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, वर्तमान संख्या थोड़ा कम है।

 

अन्य राज्यों की स्थिति चिंताजनक

 

राजस्थान: 10.87%

पश्चिम बंगाल: 9.6%

जम्मू-कश्मीर: 5.38%

असम, मणिपुर, मेघालय: 6–7%

 

संसद की स्थायी समिति ने भी 2022 में महिला पुलिस की कम संख्या पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से 33 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व के लिए स्पष्ट रोडमैप बनाने की सलाह दी थी।

 

निष्कर्ष:

बिहार में महिला पुलिसकर्मी अपनी भागीदारी और भर्ती के मामले में देश में सबसे आगे हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य बड़े राज्यों की तुलना में यह आंकड़े महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण पेश करते हैं।

 

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