
नई दिल्ली, 21 जनवरी 2026 – जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के एक एसोसिएट प्रोफेसर रियाजुद्दीन के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने विश्वविद्यालय के पॉलिटेक्निक विभाग के एक कर्मचारी रामफूल मीणा के साथ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और हिंसक व्यवहार किया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे धर्मांतरण के दावे गलत और बेबुनियाद हैं। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ जामिया नगर थाने में धारा 3(आई)(आर) एससी/एसटी अधिनियम 1989 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जेएमआई विश्वविद्यालय ने भी इस घटना को खारिज किया है। विश्वविद्यालय की प्रवक्ता ने कहा कि वीडियो में छेड़छाड़ की गई है और किसी मारपीट या जाति-आधारित घटना के संबंध में उन्हें कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। पुलिस ने मीडिया और जनता से अपील की है कि अपुष्ट खबरों को साझा न किया जाए, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है।