
नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026 – गणतंत्र दिवस परेड के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ के आसपास ट्रैफिक को सुव्यवस्थित करने के लिए विशेष योजना तैयार की है। इस वर्ष पहली बार एआई (Artificial Intelligence) आधारित एनिमेटेड वीडियो और ‘कार-कॉलिंग’ प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गणतंत्र दिवस और बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान आमंत्रित अतिथियों और जनता की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई तकनीकी उपाय किए हैं। इसमें एआई से तैयार एनिमेटेड वीडियो शामिल हैं, जिनमें आगमन, वाहन से उतरना, पार्किंग और प्रस्थान की पूरी प्रक्रिया दर्शाई गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इन वीडियो का उद्देश्य आगंतुकों को पहले से ही ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्थाओं से परिचित कराना है। ये वीडियो रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट और क्यूआर कोड आधारित पार्किंग प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध होंगे।
पुलिस ने कुल 22 पार्किंग स्थल चिन्हित किए हैं, जहाँ लगभग 8,000 वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा किया जा सकेगा। इस वर्ष सुरक्षा कर्मियों के लिए शटल सेवा भी शुरू की गई है, जो खान मार्केट, अमृता शेरगिल मार्ग, पटेल चौक मेट्रो स्टेशन और एचसी माथुर लेन से हर 10 मिनट में सेवा प्रदान करेगी।
आमंत्रित अतिथि और टिकटधारक अपने निर्धारित पार्किंग स्थल तक पहुँचने के लिए गूगल मैप और मैपप्ल्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। इसके साथ ही ज़मीनी स्तर पर मार्गदर्शन के लिए प्रमुख स्थानों पर कुल 12 सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो पार्किंग, पैदल यात्री मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित जानकारी प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम के समापन के बाद भीड़भाड़ और निकासी को सुगम बनाने के लिए ‘कार-कॉलिंग’ प्रणाली का भी संचालन किया जाएगा। इसके तहत अतिथि निकास द्वार पर तैनात अधिकारी को सूचना देंगे, जिसके बाद वाहन नंबर या चालक का नाम लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा किया जाएगा।
पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) राजीव कुमार ने बताया कि गणतंत्र दिवस के दिन वाहनों और पैदल यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय समारोह में शामिल होने वालों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। 26 जनवरी को विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए नियंत्रण कक्ष भी संचालित रहेगा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे आधिकारिक मार्गदर्शन का पालन करें, जहां तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और कर्तव्य पथ तक आने के लिए डिजिटल नेविगेशन टूल्स का भरोसा करें।