
नोएडा में युवा टेकी युवराज मेहता की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के सामने आते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है, जिससे पीड़ित परिवार ने संतोष जताया है। मृतक के पिता राजकुमार मेहता ने कहा है कि अगर उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हो जाए, तो उनके मन को शांति मिलेगी।
इस प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता दिखाते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम को पद से हटाने के निर्देश दिए, साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। मंगलवार को एसआईटी ने मौके पर पहुंचकर घटना से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की।
सरकार की कार्रवाई से राहत
मीडिया से बातचीत में राजकुमार मेहता ने कहा कि सरकार की ओर से जिस तेजी से कदम उठाए गए हैं, उससे उन्हें काफी राहत मिली है। एसआईटी के गठन और जांच शुरू होने से उन्हें भरोसा है कि उनके बेटे को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि घटना स्थल पर अब सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो।
उन्होंने कहा, “सरकार और प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग मिल रहा है। हमें आश्वासन दिया गया है कि जांच सही दिशा में होगी। यदि मुख्यमंत्री योगी से एक बार मुलाकात हो जाए, तो मन को शांति मिलेगी।”
मीडिया और जनप्रतिनिधियों का आभार
राजकुमार मेहता ने इस मामले को प्रमुखता से उठाने के लिए मीडिया का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सही समय पर मुद्दा सामने आने से प्रशासन और सरकार का ध्यान इस ओर गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस वॉटर पिट के कारण यह हादसा हुआ, उसका स्थायी समाधान भी निकाला जाएगा।
उन्होंने बताया कि एक सांसद भी उनसे मिलने आए थे और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। साथ ही, मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का अनुरोध भी किया गया है।
एसआईटी ने तेज की जांच
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी ने मंगलवार को नोएडा पहुंचकर करीब चार घंटे तक घटनास्थल और नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में जांच की। प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को सवालों की सूची सौंपते हुए दो दिन के भीतर जवाब मांगे गए हैं। एसआईटी के बुधवार को दोबारा नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचने की संभावना है।
उच्चस्तरीय एसआईटी का गठन
मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर की अध्यक्षता में गठित इस तीन सदस्यीय एसआईटी में मेरठ मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को सदस्य बनाया गया है। टीम ने पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, डीएम मेधा रूपम और नोएडा के एसीईओ कृष्णा करुणेश से विस्तृत जानकारी ली।
घटनास्थल का निरीक्षण, फाइलों की जांच
एसआईटी की टीम सेक्टर-150 स्थित घटनास्थल पर भी पहुंची, जहां चार दिन बाद मृतक युवराज मेहता की कार को बाहर निकाला गया। टीम ने मृतक के पिता से बातचीत की और इसके बाद नोएडा प्राधिकरण लौटकर अधिकारियों के बयान दर्ज किए। साथ ही, स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से जुड़ी फाइलों की भी गहन जांच शुरू कर दी गई है।
यह मामला अब केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही का बड़ा सवाल बन चुका है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।