
चेन्नई, 20 जनवरी 2026: थलपति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन‘ की रिलीज को लेकर मद्रास हाई कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई में गहमागहमी का माहौल रहा। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एआरएल सुंदरेशन ने कोर्ट को बताया कि फिल्म में 14 कट लगाने का सुझाव शुरुआती था, अंतिम फैसला नहीं, और बोर्ड के चेयरपर्सन ने अभी तक फिल्म पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
सुनवाई में मेकर्स KVN प्रोडक्शंस ने दावा किया कि फिल्म का बजट 500 करोड़ रुपये का है और रिलीज में देरी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। अदालत ने इस तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि आप अपनी लागत का हवाला देकर राहत नहीं मांग सकते।
ASG सुंदरेशन ने कोर्ट को यह भी बताया कि फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने की सूचना प्रोड्यूसर्स को 6 जनवरी को दी गई थी। पहले यह बताया गया था कि बोर्ड ने फैसला ले लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले हाई कोर्ट केस में CBFC को जवाब देने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया था।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने बोर्ड से पूछा कि फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास क्यों भेजा गया और क्या यह जानकारी चेन्नई या मुंबई के रीजनल ऑफिस से भेजी गई। ASG ने स्पष्ट किया कि बोर्ड ने अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है और प्रारंभिक कट की सिफारिश केवल एग्जामिनिंग कमेटी का सुझाव था।
सेंसर सर्टिफिकेट से पहले ही फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा पर भी सवाल उठाए गए। ASG ने कहा कि इस तरह का ऐलान प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन है।
मंगलवार दोपहर में KVN प्रोडक्शंस की दलील सुनी जाएगी, जिसके बाद ही हाई कोर्ट यह तय करेगा कि फिल्म की रिलीज पर फैसला सुनाया जाएगा या इसे अगली तारीख के लिए पोस्ट किया जाएगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मेकर्स की याचिका खारिज करते हुए उन्हें हाई कोर्ट से ही निर्णय लेने के लिए कहा था।
फिल्म ‘जन नायकन‘ थलपति विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है। यह फिल्म पहले 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड की समीक्षा और शिकायत मिलने के कारण रिलीज पर रोक लगा दी गई। शिकायत में कहा गया था कि फिल्म में कुछ सीन ऐसे हैं, जो सेना की छवि को गलत तरीके से पेश करते हैं और भावनाओं को आहत कर सकते हैं।