
नई दिल्ली: आटिज़्म से जूझ रहे बच्चे की परवरिश माता-पिता के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण होती है। यह चुनौती तब और बढ़ जाती है जब आस-पड़ोस या सोसाइटी के लोग बच्चे की स्थिति को नहीं समझते और परिवार की जिंदगी को कठिन बना देते हैं। ऐसा ही अनुभव हाल ही में एक पिता ने साझा किया, जिनका बच्चा आटिज़्म से पीड़ित है।
पिता ने इंस्टाग्राम पर अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि सोसाइटी के एक सदस्य ने उनके परिवार को फ्लैट से बाहर से लॉक कर दिया। उनकी ही जुबानी, “यह कोई फिल्मी कहानी नहीं है, बल्कि एक कड़वी सच्चाई है। इसकी वजह मेरा ऑटिस्टिक बच्चा था, जिसे उन्होंने ‘बदतमीज’ कहकर टैग कर दिया।”
इसके बाद सोसाइटी वालों ने उन्हें घर छोड़ने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया और अंततः उन्हें मजबूरन वह घर छोड़ना पड़ा। इस घटना ने पिता को यह एहसास दिलाया कि चाहे वे कितनी भी विनम्रता दिखाएं या सम्मान जताएं, सोसाइटी उनके बच्चे की इज्जत नहीं करेगी।
पिता ने यह भी स्वीकार किया कि इस घटना से पहले वह खुद अपने बच्चे के लिए शर्मिंदा महसूस करते थे और दूसरों की अपेक्षाओं के डर से अनजाने में अपने ही बच्चे को छोटा महसूस कराते थे। लेकिन अब उन्होंने यह निर्णय लिया कि वे अपने बच्चे के लिए स्पेस और सम्मान मांगेंगे और किसी भी तरह की माफी नहीं मांगेगे।
उन्होंने अपने अनुभव के माध्यम से सभी माता-पिता को संदेश दिया कि यदि आपका बच्चा किसी पब्लिक प्लेस पर अलग व्यवहार करता है तो इसमें आप या आपका बच्चा गलत नहीं हैं। असली समस्या समाज की उन धारणाओं में है, जो मानती हैं कि सभी बच्चे एक जैसे होंगे। उन्होंने कहा, “आज से अपने बच्चे के लिए माफी मांगना बंद करें और उसके लिए स्पेस और गरिमा की मांग करें।”
डिस्क्लेमर: यह लेख इंस्टाग्राम रील पर आधारित है। नवभारत टाइम्स इसकी सत्यता की पूर्ण जिम्मेदारी नहीं लेता।