
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा कस्बे में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक किराए के मकान के भीतर एक ही परिवार के पांच सदस्यों के खून से सने शव मिले। मृतकों में नकुड़ तहसील में तैनात संग्रह अमीन अशोक, उनकी वृद्ध मां विद्यावती, पत्नी अंजिता और दो नाबालिग बेटे कार्तिक व देव शामिल हैं। सभी की मौत गोली लगने से हुई है। इस भयावह वारदात ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है और पुलिस के सामने हत्या व आत्महत्या के बीच एक जटिल पहेली खड़ी कर दी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, लंबे समय तक मकान से कोई हलचल नहीं दिखी तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस जब घर के भीतर दाखिल हुई, तो दृश्य दिल दहला देने वाला था। कमरे में अशोक (40), उनकी मां विद्यावती (70), पत्नी अंजिता (35) और दोनों बेटे कार्तिक (16) व देव (13) खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी को सिर में गोली मारी गई थी।
आश्रित कोटे से मिली थी नौकरी
परिवार की पृष्ठभूमि सामान्य बताई जा रही है। अशोक को पिता की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित कोटे में सरकारी नौकरी मिली थी। वह नकुड़ तहसील में संग्रह अमीन के पद पर कार्यरत थे। दोनों बच्चे पढ़ाई कर रहे थे—एक कक्षा नौवीं और दूसरा दसवीं का छात्र था। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार शांत स्वभाव का था और किसी से विवाद या झगड़े की जानकारी नहीं थी।
मौके से तीन तमंचे, शक और गहराया
घटनास्थल से पुलिस ने तीन तमंचे बरामद किए हैं, जिसने पूरे मामले को और उलझा दिया है। पुलिस के अनुसार, अशोक के कनपटी पर गोली के निशान मिले हैं, जबकि मां, पत्नी और दोनों बेटों के माथे पर गोली मारी गई थी। घावों की प्रकृति और हथियारों की संख्या कई सवाल खड़े कर रही है—क्या यह एक ही व्यक्ति का किया हुआ कृत्य है या इसमें किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता है?
फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड जुटे जांच में
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे। घर को सील कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पड़ोसियों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों से पूछताछ कर परिवार के हालिया व्यवहार, किसी मानसिक तनाव, कर्ज या पारिवारिक विवाद की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
तीन एंगल पर जांच
पुलिस इस मामले की जांच तीन प्रमुख बिंदुओं पर कर रही है। पहला, आशंका यह कि अशोक ने किसी पारिवारिक दबाव या मानसिक तनाव में पहले अपने परिजनों की हत्या की और फिर खुद को गोली मार ली। दूसरा, किसी पारिवारिक विवाद या अचानक हुए झगड़े में फायरिंग की संभावना, जिसके बाद आत्मघाती कदम उठाया गया हो। तीसरा, किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा घर में घुसकर सामूहिक हत्या की थ्योरी, जिसके तहत लेन-देन, दुश्मनी या पुरानी रंजिश की पड़ताल की जा रही है।
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट या स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और इसके लिए पांच विशेष टीमें गठित की गई हैं।