
नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026: चांदी की कीमतें इस समय रिकॉर्ड तेजी के साथ बढ़ रही हैं। सोमवार को चांदी ने प्रति किलो 3 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। एमसीएक्स पर मंगलवार को भी इसमें 7,000 रुपये से अधिक की तेजी देखी गई, जिसके बाद चांदी की कीमत प्रति किलो 3.17 लाख रुपये से ऊपर पहुंच गई।
1 लाख से 2 लाख में 14 महीने:
चांदी की कीमतें अक्टूबर 2024 में प्रति किलो 1 लाख रुपये पर पहुंची थीं। इसके बाद लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली और दिसंबर 2025 तक यह 2 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। इस तरह, 1 लाख से 2 लाख रुपये तक पहुंचने में लगभग 14 महीने का समय लगा।
2 लाख से 3 लाख में मात्र एक महीना:
हालांकि 1 से 2 लाख तक पहुंचने में लंबा समय लगा, लेकिन 2 लाख से 3 लाख तक की रफ्तार बेहद तेज रही। दिसंबर 2025 में चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो पर थी, वहीं 19 जनवरी 2026 को यह 3 लाख रुपये को पार कर गई। यानी, केवल एक महीने में ही यह तेजी देखी गई।
चांदी में तेजी के कारण:
विश्लेषकों के अनुसार, चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे कई कारण हैं:
- वैश्विक तनाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक विवाद।
- अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक टकराव।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़ी संभावित नीतिगत कार्रवाई।
- ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद।
- चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग, जैसे सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल।
- सप्लाई में कमी।
आगे संभावित गिरावट:
हालांकि चांदी में तेजी जारी है, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मुनाफावसूली के चलते कीमत में गिरावट आ सकती है। Augmont रिपोर्ट के अनुसार, कीमतें कुछ समय के लिए 84 डॉलर प्रति औंस या लगभग 2,60,000 रुपये प्रति किलो तक गिर सकती हैं। इसके बाद बाजार फिर से मजबूत होने की संभावना रखता है।
विश्लेषकों का कहना है कि मांग और सप्लाई के अंतर को देखते हुए चांदी का दीर्घकालिक रुझान सकारात्मक बना हुआ है।