
बीजिंग: दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजार चीन में Apple ने अपनी पकड़ मजबूत कर दी है। दिसंबर तिमाही में Apple की बिक्री में 28% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, जिससे उसने चीनी स्मार्टफोन कंपनियों को पीछे छोड़ दिया। सबसे अधिक प्रभावित शाओमी और हुवावे जैसी कंपनियां हुईं, जिनकी बिक्री में दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
मेमोरी चिप की कमी बनी अवसर
Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर की कंपनियां इस समय मेमोरी सेमीकंडक्टर की कमी से जूझ रही हैं। चिप निर्माता कंपनियों ने अपनी ज्यादातर क्षमता Nvidia के AI चिप्स के लिए हाई-एंड मेमोरी चिप बनाने में लगा दी है, जिससे स्मार्टफोन निर्माताओं के लिए सप्लाई कठिन हो गई है। इस कारण से मिड-रेंज स्मार्टफोन की उत्पादन क्षमता पर असर पड़ा है।
महंगे स्मार्टफोन को फायदा
TSMC के CEO सी.सी. वेई के अनुसार, महंगे स्मार्टफोन इस कमी से प्रभावित नहीं हुए हैं। Apple के सभी प्रमुख मॉडल महंगी श्रेणी में आते हैं, जिससे यह संकट Apple के लिए अवसर में बदल गया। पिछले साल Apple और Huawei दोनों ने चीन में लगभग बराबर 17% मार्केट शेयर बनाए रखा, लेकिन इस तिमाही में Apple ने बढ़त हासिल की।
iPhone Air की धीमी शुरुआत
हालांकि iPhone Air मॉडल चीन में देर से लॉन्च हुआ और ज्यादा लोकप्रिय नहीं रहा, परंतु iPhone 17 सीरीज के अन्य मॉडल्स ने बाजार में छाप छोड़ी और Apple की नंबर-1 पोजीशन सुनिश्चित की।
भविष्य में चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में मिड-रेंज स्मार्टफोन पर मेमोरी चिप की कमी का असर बढ़ सकता है। ऐसे में महंगे फोन बनाने वाली कंपनियों, जैसे Apple, को फायदा रहेगा, जबकि शाओमी और हुवावे जैसी कंपनियों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।
चीन के स्मार्टफोन बाजार में Apple की यह सफलता प्रोडक्ट की गुणवत्ता, स्मार्ट मार्केटिंग और बाजार की बदलती परिस्थितियों का मिश्रण है, जिसने कंपनी को चीनी कंपनियों से आगे कर दिया है।