Tuesday, January 20

झांसी नीला बक्सा कांड: तीसरी पत्नी के हत्यारे को एनकाउंटर का डर, बोला– “मेरा तो एनकाउंटर हो जाएगा”

 

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झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी में सामने आए ‘नीला बक्सा कांड’ ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। प्रेम में हैवान बने रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह परिहार ने 32 साल छोटी कथित तीसरी पत्नी प्रीति की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए करीब एक सप्ताह तक उसके शव के टुकड़े काटकर जलाता रहा। इस सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार होने के बाद अब आरोपी पति को पुलिस एनकाउंटर का डर सताने लगा है।

 

कबूलनामा जिसने रोंगटे खड़े कर दिए

 

पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद राम सिंह परिहार ने हत्या की बात कबूल कर ली। मीडिया से बातचीत में उसने कहा कि वह और उसकी तीसरी पत्नी प्रीति दोनों शराब पीते थे। प्रीति उससे पैसे मांगने लगी थी और फोन पर किसी से लगातार बात करती रहती थी। 8 जनवरी को दोनों ने खूब शराब पी और झगड़ा हो गया। राम सिंह के मुताबिक, नशे की हालत में उसने कब कुल्हाड़ी से प्रीति को मार दिया, उसे खुद याद नहीं।

 

उसने बताया कि होश में आने के बाद वह दो दिनों तक लाश के पास बैठा रहा। उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि यह सब कैसे हो गया। उसने दावा किया कि वह प्रीति से बहुत प्यार करता था और उसे ठंड न लगे, इसलिए उसने शव को कंबल भी ओढ़ाया। इसके बाद उसने शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची और लोहे के नीले बक्से (संदूक) में लकड़ी डालकर रोज उसके अंग जलाता रहा। करीब एक सप्ताह में पूरे शव को जला दिया गया और अंत में केवल राख बची।

 

साजिश पर था पूरा भरोसा

 

राम सिंह ने मीडिया के सामने अपनी साजिश पर भरोसा जताते हुए कहा कि अगर शव के अवशेष ठिकाने लग जाते, तो किसी को इस घटना का पता ही नहीं चलता। उसने बताया कि वह जिस साहब के यहां खाना बनाने की ड्यूटी करता था, वहीं प्रीति बर्तन मांजती थी। वहीं दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और करीब 10 साल पहले दोनों ने शादी कर ली।

 

उसने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में वह प्रीति को पूरे भारत में कई जगह घुमाने ले गया। रोज उसका खाना वही बनाकर देती थी या उसके बच्चे लेकर आते थे। हत्या के बाद उसने करीब 200 किलो लकड़ी मंगवाई और पूरी बॉडी जला दी।

 

दूसरी पत्नी और बेटे से मांगी मदद

 

राम सिंह ने अपनी दूसरी पत्नी और बच्चों के सामने रोते हुए मदद मांगी। उसने कहा कि अब वह भी मर जाएगा। इस पर उसका बेटा साथियों के साथ ऑटो बुक कर शव के जले अवशेषों को ठिकाने लगाने की तैयारी में जुट गया। जले हुए अवशेष, कोयले के टुकड़े और हड्डियों को एक बक्से में भरकर गाड़ी में रखा गया। उन्हें मिनर्वा चौराहे के पास ले जाने को कहा गया। राम सिंह बाइक से टैक्सी के पीछे चला और रास्ते में गायब हो गया।

 

लेकिन टैक्सी चालक को जब बक्से से तेज बदबू आई तो उसे शक हुआ। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हो गया।

 

एनकाउंटर का खौफ

 

गिरफ्तारी के बाद राम सिंह को एनकाउंटर का डर सताने लगा है। मीडिया से बातचीत में उसने कहा, “मेरा तो एनकाउंटर हो जाएगा।” उसने यह भी दावा किया कि उसकी दूसरी पत्नी और बेटे का इस मामले में कोई रोल नहीं है। वे केवल राख को ठिकाने लगाने जा रहे थे। उसने पुलिस से गुहार लगाई कि उन्हें इस केस से बाहर रखा जाए।

 

पुलिस जांच जारी

 

सीपरी बाजार थाना पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी पति राम सिंह, उसकी दूसरी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और अन्य साक्ष्य भी बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में अगर और लोग शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

झांसी का यह ‘नीला बक्सा कांड’ सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि क्रूरता और अमानवीयता की हदों को पार करने वाली घटना बन गया है, जिसने समाज और सिस्टम—दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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