
राजधानी दिल्ली में रविवार को प्रदूषण ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। घनी स्मॉग की परत के कारण सुबह कई इलाकों में जीरो विजिबिलिटी की स्थिति बन गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा। रविवार इस साल का सबसे प्रदूषित दिन साबित हुआ, वहीं 2016 के बाद से यह जनवरी का चौथा सबसे खराब दिन रहा।
प्रदूषण का स्तर शनिवार से ही लगातार बढ़ता रहा। शनिवार शाम चार बजे जहां एक्यूआई 400 था, वहीं रात नौ बजे यह 431 तक पहुंच गया। रविवार सुबह सात बजे 437 दर्ज किया गया और दोपहर दो बजे तक यह 448 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का औसत एक्यूआई 440 रहा, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
एनसीआर में भी हालात चिंताजनक
दिल्ली से सटे एनसीआर के कई शहरों में भी हवा बेहद खराब रही। फरीदाबाद में एक्यूआई 247, गाजियाबाद में 458, ग्रेटर नोएडा में 402, गुरुग्राम में 378 और नोएडा में 430 दर्ज किया गया।
32 इलाकों में गंभीर, 19 में मेडिकल इमरजेंसी
राजधानी के 32 इलाकों में प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया, जिनमें से 19 स्थानों पर मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति रही। आनंद विहार (478), अशोक विहार (481), बवाना (483), बुराड़ी (470), चांदनी चौक (472), आईटीओ (466), मुंडका (483), रोहिणी (483), सोनिया विहार (472) और वजीरपुर (475) जैसे इलाकों में हालात सबसे खराब रहे।
सांस लेना हुआ मुश्किल
घनी स्मॉग के चलते आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और खांसी जैसी शिकायतें बढ़ गईं। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस व हृदय रोगियों को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से हवा की रफ्तार बढ़ने और मौसम में बदलाव के चलते प्रदूषण में कुछ कमी आ सकती है, हालांकि यह अभी भी बेहद खराब श्रेणी में बना रहने की आशंका है। राजधानीवासियों को फिलहाल प्रदूषण से राहत के लिए इंतजार करना होगा।