
नई दिल्ली: नया साल आ चुका है, लेकिन BSNL का 5G नेटवर्क अभी भी लॉन्च नहीं हुआ है। कई लोग इसे Jio और Airtel की तुलना में पीछे छूटने के रूप में देख रहे हैं, लेकिन असलियत में यह कंपनी की रणनीति का हिस्सा है। दरअसल BSNL फिलहाल किफायती 4G नेटवर्क को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
BSNL का सरप्राइज प्लान क्या है:
रिपोर्ट्स के मुताबिक, BSNL ने अब तक देशभर में 97,000 से अधिक जगहों पर 4G लॉन्च किया है और आने वाले समय में इसे और विस्तार दिया जाएगा। जबकि प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां अपने 4G प्लान महंगे कर 5G की ओर ग्राहकों को प्रेरित कर रही हैं, BSNL सस्ते और स्टेबल 4G प्लान्स के जरिए अपना अलग गेम खेल रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ज्यादातर भारतीय यूजर्स के लिए घर और ऑफिस में मौजूद हाई-स्पीड फाइबर कनेक्शन के कारण तुरंत 5G की जरूरत नहीं है।
5G की देरी क्यों:
BSNL स्टैंडअलोन 5G को ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर मॉडल में लॉन्च करने की तैयारी कर रही थी। कंपनी की स्वदेशी 4G टेक्नोलॉजी का फायदा यह है कि इसे सिर्फ सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए 5G में अपग्रेड किया जा सकता है। BSNL को Tejas Networks द्वारा 5G रेडी उपकरण सप्लाई किए गए हैं। कंपनी शुरू में NSA 5G उपलब्ध करवा सकती है और धीरे-धीरे इसे SA 5G पर शिफ्ट कर सकती है।
रणनीति का हिस्सा:
विशेषज्ञों का कहना है कि BSNL 5G लाने में देरी इसलिए कर रही है क्योंकि अब तक 4G की पहुंच को मजबूत करना ज्यादा जरूरी है। इस दौरान BSNL का उद्देश्य देशभर में सस्ते 4G प्लान उपलब्ध कराना और नए यूजर्स को जोड़ना है। यदि BSNL यह काम सफलतापूर्वक कर पाती है, तो टेलीकॉम सेक्टर में Jio–Airtel को चुनौती मिलने की पूरी संभावना है।
निष्कर्ष:
BSNL भले 5G में पीछे दिखाई दे रही हो, लेकिन किफायती 4G विस्तार के इस प्लान से कंपनी न केवल जनता को फायदा दे रही है, बल्कि प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के लिए भी यह सर्वराइज़ प्लान साबित हो सकता है।