
देहरादून जिले के जिलाधिकारी सविन बंसल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनका नाम राजधानी के 79 जर्जर स्कूलों को ध्वस्त करने के आदेश को लेकर चर्चा में है। जिले में कई स्कूलों के खस्ताहाल भवनों में बच्चों की पढ़ाई का मामला डीएम के सामने लाया गया था। इन स्कूलों की खराब स्थिति बच्चों के जीवन के लिए खतरा बन गई थी।
सविन बंसल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि वह स्कूलों की स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में देरी होने पर डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी विनो कुमार ढौंडियाल और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती की सरकारी गाड़ियों को जब्त कर लिया। इसके बाद जिला शिक्षा विभाग ने 100 स्कूलों की जांच की, जिसमें 66 प्राइमरी और 13 मिडिल स्कूल जर्जर पाए गए।
डीएम ने पीडब्ल्यूडी विभाग को स्कूलों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया और इस अभियान के लिए पहले ही एक करोड़ रुपये जारी कर दिए। इसके साथ ही बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है।
डीएम सविन बंसल: कौन हैं वे?
सविन बंसल 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और मूल रूप से हरियाणा के निवासी हैं। उन्होंने एनआईटी कुरुक्षेत्र से बीटेक और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से रिस्क और डिजास्टर मैनेजमेंट में मास्टर्स किया। प्रशासनिक सेवा में जाने की उनकी इच्छा के चलते उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में UPSC 2008 में 34वां रैंक हासिल कर आईएएस बने।
उत्तराखंड कैडर में तैनात सविन बंसल ने अल्मोड़ा और नैनीताल में डीएम के रूप में काम किया और सितंबर 2024 से देहरादून जिले की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आम जनता के हित में निर्णायक कदम उठाने के लिए वे हमेशा चर्चित रहे हैं।
अन्य प्रमुख कार्य और पहल
डीएम ने जर्जर स्कूलों के अलावा पछुआवाडून के चाय बागान के प्लॉट की अवैध खरीद-फरोख्त मामले में भी जांच के आदेश दिए हैं। सब-रजिस्ट्रार की रिपोर्ट के आधार पर एक चार सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है, जिसे 15 दिन में रिपोर्ट सौंपनी होगी।
सविन बंसल आम जनता की समस्याओं को तेजी से हल करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने राइफल क्लब फंड का उपयोग जरूरतमंदों की मदद के लिए किया, और कोरोनेशन अस्पताल का निरीक्षण मरीज बनकर किया था। उनका जन-समर्पण और संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण कई बार सुर्खियों में रहा है।
साथ ही उनका नाम सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के संदर्भ में भी सामने आया, जिसमें बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
डीएम सविन बंसल की सख्ती और सक्रिय प्रशासनिक शैली ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि राजधानी देहरादून में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा सर्वोपरि है।