
पटना।
बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन उर्फ मनीष चंद्रवंशी की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और मनीष की संपत्ति, आय के स्रोतों और आपराधिक पृष्ठभूमि को खंगाला जा रहा है।
15 हजार की नौकरी से करोड़ों की संपत्ति तक
मनीष चंद्रवंशी मूल रूप से जहानाबाद जिले का निवासी है। वर्ष 2020 में वह पटना आया और एक निजी अस्पताल में फोर्थ ग्रेड कर्मचारी के रूप में मात्र 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करने लगा। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उसने ऑक्सीजन सप्लाई एजेंसी शुरू की, जिसके बाद उसकी आर्थिक स्थिति में अचानक और असामान्य वृद्धि देखी गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आज पटना में मनीष के नाम पर कई कीमती जमीनें, बहुमंजिला इमारतें और अन्य संपत्तियां हैं, जिनकी कुल कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इतना ही नहीं, वह अपने गांव से मुखिया का चुनाव लड़ने की तैयारी में भी जुटा हुआ था।
आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
छात्रा की मौत के मामले से पहले भी मनीष चंद्रवंशी का नाम पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज रहा है। जानकारी के अनुसार, एक शादी समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग की घटना में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, जिसमें एक युवक गोली लगने से घायल हो गया था। अब पुलिस उसके पुराने टेंडरों, ऑक्सीजन सप्लाई से जुड़े सरकारी फंड और उसके कथित राजनीतिक व आपराधिक संपर्कों की भी जांच कर रही है।
शंभू गर्ल्स हॉस्टल में क्या हुआ था?
यह मामला पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही जहानाबाद की 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। छात्रा मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थी।
- 6 जनवरी को वह अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली।
- इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
- परिजनों ने आरोप लगाया है कि छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई।
- शरीर पर चोट के निशान होने की भी बात कही गई है।
शुरुआत में पुलिस ने इसे नींद की गोलियों के ओवरडोज का मामला बताया था, लेकिन हालिया पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन शोषण की आशंका जताई गई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तारी
पुलिस ने सबूत मिटाने और जांच को प्रभावित करने के आरोप में हॉस्टल मालिक मनीष चंद्रवंशी को गिरफ्तार किया है। SIT की टीम प्रभात मेमोरियल अस्पताल और शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े दस्तावेजों, CCTV फुटेज और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है।
इस पूरे मामले ने न केवल राजधानी पटना बल्कि पूरे बिहार में छात्राओं की सुरक्षा और निजी हॉस्टलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तेज़ी से की जा रही है तथा दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।