
कान में जमा मैल यानी ईयरवैक्स एक प्राकृतिक और सेल्फ-क्लीनिंग पदार्थ है, जो कान को धूल और बैक्टीरिया से बचाता है। हालांकि, कभी-कभी यह अधिक जमा हो जाता है और दर्द, भारीपन या सुनने में समस्या पैदा कर सकता है।
बहुत से लोग कान साफ करने के लिए ईयरबड, नुकीली चीजें, माचिस की तीली या गर्म तेल का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन ENT डॉक्टर डिव्या बदानीदियुर का कहना है कि ये तरीके खतरनाक हैं और कान की नली या ईयरड्रम को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
कान में वैक्स जमा होने के लक्षण:
- कान में भारीपन या दर्द
- सुनने में कमी या आवाज़ का गूंजना
- कान में घंटियां बजना या चक्कर आना
घर पर कान साफ करने के सुरक्षित तरीके:
- सिर्फ बाहरी हिस्से को साफ करें: गीले कपड़े से कान के बाहरी हिस्से को हल्के हाथों से पोंछें।
- ईयरबड का सीमित इस्तेमाल: अगर ईयरबड इस्तेमाल करना ही हो तो इसे केवल कान के बाहर तक ही रखें, अंदर न डालें।
- वैक्स सॉफ्टनर ड्रॉप्स: मेडिकल स्टोर पर मिलने वाले ईयरवैक्स सॉफ्टनर ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें। इन्हें दिन में कुछ बार लगभग एक हफ्ते तक डालें। इसके बाद ENT डॉक्टर के पास जाकर सुरक्षित तरीके से वैक्स निकालवाएं।
डॉक्टर कान का मैल कैसे निकालते हैं:
ENT डॉक्टर माइक्रोस्कोप, एंडोस्कोप या ओटोस्कोप से कान की जांच करते हैं। इसके बाद वैक्स को क्यूरेट, सक्शन या सिरिंजिंग की मदद से सुरक्षित रूप से निकाला जाता है।
कब ENT डॉक्टर को दिखाएँ:
- घरेलू उपायों के बाद भी कान का ब्लॉकेज ठीक न हो
- कान में दर्द, सूजन या सुनने में गंभीर कमी हो
साल में एक बार कान, नाक और गले की जांच कराना भी सलाह दी जाती है।
सावधानियाँ:
- कभी भी कान में तीली, बॉबी पिन, माचिस की तीली या नुकीली वस्तु न डालें।
- ईयर कैंडलिंग या खुद से पानी डालकर कान धोने का प्रयास न करें।
नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने ENT डॉक्टर से संपर्क करें।