
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) में सिडनी सिक्सर्स के स्टार बल्लेबाज़ स्टीव स्मिथ और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आज़म के बीच मैदान पर हुआ एक फैसला अब क्रिकेट जगत में बहस का विषय बन गया है। मैच के दौरान सिंगल लेने से इनकार कर स्मिथ ने न सिर्फ बाबर को असहज स्थिति में डाल दिया, बल्कि मैच के बाद दिए बयान से भी उनकी नाराज़गी और बढ़ गई।
मैदान पर दिखी तीखी नोंकझोंक
यह घटना सिडनी सिक्सर्स और सिडनी थंडर के बीच खेले गए मुकाबले के 11वें ओवर की है। बाबर आज़म ने क्रिस ग्रीन की गेंद पर शॉट खेलकर सिंगल लेना चाहा, लेकिन नॉन-स्ट्राइकर छोर पर खड़े स्टीव स्मिथ ने उन्हें रुकने का इशारा कर दिया। स्मिथ का इरादा साफ था—वह आगामी ओवर में पावर-सर्ज का पूरा फायदा खुद उठाना चाहते थे।
BBL के नियमों के मुताबिक, 10 ओवर के बाद किसी भी समय दो ओवरों के लिए पावरप्ले (पावर-सर्ज) लिया जा सकता है। स्मिथ ने रणनीति के तहत बाबर को सिंगल लेने से रोका और स्ट्राइक अपने पास रखी। इस फैसले से बाबर आज़म साफ तौर पर नाखुश नज़र आए।
पावर-सर्ज में इतिहास का सबसे महंगा ओवर
12वें ओवर में स्मिथ ने रयान हैडली के खिलाफ पावर-सर्ज का इस्तेमाल किया और लगातार चौके-छक्कों की बरसात कर दी। एक ही ओवर में 32 रन बने, जो BBL इतिहास का सबसे महंगा ओवर साबित हुआ। इस दौरान स्मिथ ने चार छक्के जड़े और अपनी आक्रामक मंशा साफ कर दी।
हालांकि, इस आक्रामक खेल का असर बाबर आज़म पर भी दिखा। अगले ही ओवर में नाथन मैकएंड्रयू की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में बाबर आउट हो गए। पवेलियन लौटते समय वह बेहद नाराज़ दिखे और उन्होंने गुस्से में अपना बल्ला बाउंड्री मार्कर पर दे मारा।
शतक के बाद भी नहीं बदला स्मिथ का रुख
स्टीव स्मिथ ने महज़ 41 गेंदों पर शतक पूरा किया और अगली ही गेंद पर 100 रन बनाकर आउट हो गए। मैच के बाद पोस्ट-मैच प्रेज़ेंटेशन में उन्होंने अपने फैसले को पूरी तरह सही ठहराया।
स्मिथ ने कहा,
“10 ओवर के बाद कप्तान और कोच ने पावर-सर्ज लेने को कहा था। मैंने उनसे कहा कि एक ओवर और खेलने दो। मैं छोटी बाउंड्री की तरफ खेलना चाहता था और पहले ही ओवर में जोखिम नहीं लेना चाहता था। मेरा लक्ष्य उस ओवर में 30 रन बनाना था और हमने 32 रन बना लिए। यह शानदार नतीजा रहा। मुझे नहीं पता कि बाबर इस फैसले से खुश थे या नहीं।”
पूर्व खिलाड़ी ने दी बाबर को नसीहत
फॉक्स क्रिकेट पर कमेंट्री कर रहे ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर मार्क वॉ ने बाबर आज़म की प्रतिक्रिया को गलत बताया। उन्होंने कहा,
“आप जो भी महसूस कर रहे हों, उसे मैदान पर इस तरह दिखाना अच्छा नहीं लगता।”
मैच के बाद खिलाड़ियों के आपसी अभिवादन के दौरान भी बाबर आज़म मैदान पर नज़र नहीं आए, जिससे उनके असंतोष की चर्चा और तेज हो गई।
रणनीति बनाम सम्मान
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि टीम रणनीति और व्यक्तिगत सम्मान के बीच संतुलन कितना ज़रूरी है। स्मिथ का फैसला रणनीतिक रूप से सफल रहा, लेकिन बाबर आज़म की नाराज़गी ने इस जीत पर विवाद की परछाईं डाल दी। क्रिकेट प्रेमियों के बीच अब भी यही चर्चा है—क्या यह सिर्फ खेल की रणनीति थी या मैदान पर हुई एक अनावश्यक बेइज्जती?