
बाराबंकी। लखनऊ–सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-731) स्थित बारा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता की पिटाई के मामले ने तूल पकड़ लिया है। लगातार तीन दिनों से जारी वकीलों के उग्र प्रदर्शन और दबाव के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल वसूली करने वाली एजेंसी मेसर्स स्काईलार्क इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध समाप्त कर दिया है। साथ ही एजेंसी को एक वर्ष के लिए एनएचएआई की किसी भी निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इस बीच वकीलों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर आरोपित टोल कर्मियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और रासुका के तहत कार्रवाई की मांग की। पुलिस अब तक टोल मैनेजर समेत पांच आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
घटना से भड़का आक्रोश
बता दें कि बीते बुधवार को बारा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ टोल कर्मियों द्वारा की गई मारपीट का मामला सामने आया था। घटना के तीसरे दिन शुक्रवार को भी वकीलों का गुस्सा थमता नजर नहीं आया। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव और मतदान के बीच हुई इस घटना ने अधिवक्ताओं में रोष और बढ़ा दिया।
एसपी कार्यालय का घेराव
लखनऊ से बड़ी संख्या में बाराबंकी पहुंचे अधिवक्ताओं ने शुक्रवार सुबह एसपी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। अधिवक्ता देवकी नंदन पांडेय, अनिल मिश्रा, योगेश पांडेय सहित कई वरिष्ठ वकील इसमें शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजय वर्गीय ने स्वयं बाहर आकर अधिवक्ताओं से संवाद किया और भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में भी कार्रवाई की जाएगी।
फोन पर धमकी का आरोप
पीड़ित अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि टोल कर्मी रवि तोमर के पिता की ओर से उन्हें फोन पर मुकदमे में सुलह करने का दबाव बनाया जा रहा है। सुलह न करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इस संबंध में हैदरगढ़ कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई है। धमकी की सूचना मिलते ही वकीलों का आक्रोश फिर भड़क उठा और उन्होंने बारा टोल प्लाजा पर पहुंचकर नारेबाजी की।
24 घंटे टोल फ्री रहा
एनएचएआई के गुरुग्राम से जांच के लिए पहुंचे जीएम कृपाल सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा के बूम बैरियर हटाए जाने के कारण पिछले 24 घंटे से वाहन बिना टोल दिए गुजर रहे हैं। इस दौरान हुए आर्थिक नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
5.30 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त
एनएचएआई ने टोल एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए बताया कि गंभीर अनुबंध उल्लंघन के चलते कंपनी की 5 करोड़ 30 लाख रुपये की बैंक गारंटी/प्रदर्शन सुरक्षा राशि को जब्त और भुनाने की कार्रवाई भी प्रस्तावित है।
इस मामले में पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बाद हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, हालांकि वकीलों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।