
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब राशनकार्ड धारकों को उनकी खानपान की आदत के अनुसार गेहूं और चावल दिया जाएगा। जिन इलाकों में लोग भात अधिक खाते हैं, वहां गेहूं की तुलना में ज्यादा चावल वितरित होगा, जबकि रोटी प्रधान क्षेत्रों में गेहूं की मात्रा अधिक रखी जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा कराए गए खानपान सर्वे के आधार पर राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग ने राशन वितरण का नया स्केल जारी किया है।
अपर खाद्य आयुक्त सत्यदेव ने इस संबंध में सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। नए स्केल के अनुसार फरवरी माह से प्रदेशभर में राशन का वितरण किया जाएगा। यह व्यवस्था अंत्योदय और पात्र गृहस्थी—दोनों श्रेणियों के लाभार्थियों पर लागू होगी।
मंडलवार तय हुआ गेहूं-चावल का अनुपात
अंत्योदय श्रेणी (प्रति कार्ड):
14 किलो गेहूं, 21 किलो चावल — अयोध्या, झांसी, कानपुर, चित्रकूट, देवीपाटन, प्रयागराज, बस्ती, लखनऊ मंडल और आजमगढ़ जिला
21 किलो गेहूं, 14 किलो चावल — अलीगढ़, आगरा, बरेली, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर मंडल
10 किलो गेहूं, 25 किलो चावल — वाराणसी, गोरखपुर, मीरजापुर और आजमगढ़ मंडल (आजमगढ़ जिला छोड़कर)
पात्र गृहस्थी श्रेणी (प्रति यूनिट):
2 किलो गेहूं, 3 किलो चावल — अयोध्या, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, देवीपाटन, प्रयागराज, बस्ती, लखनऊ और बरेली जिला
3 किलो गेहूं, 2 किलो चावल — मेरठ, अलीगढ़, आगरा, मुरादाबाद, सहारनपुर और बरेली मंडल (बरेली जिला छोड़कर)
1 किलो गेहूं, 4 किलो चावल — आजमगढ़, गोरखपुर, मीरजापुर और वाराणसी मंडल
सर्वे के आधार पर लिया गया निर्णय
खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा कराए गए खानपान सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है, ताकि लोगों को उनकी खाद्य आदतों के अनुरूप राशन मिल सके और अनाज की बर्बादी रोकी जा सके।
नए स्केल के लागू होने से प्रदेश के करोड़ों राशनकार्ड धारकों को सीधे तौर पर राहत मिलने की उम्मीद है।