Friday, January 16

‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’: राजनगर एक्सटेंशन में रेजिडेंट्स का आक्रोश, सोसायटियों पर लगे चेतावनी भरे बैनर

 

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गाजियाबाद: राजनगर एक्सटेंशन की बदहाल सड़कों को लेकर रेजिडेंट्स का गुस्सा अब सड़कों पर आ गया है। वर्षों से हम तुम रोड की जर्जर हालत और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की अनदेखी से परेशान हजारों परिवारों ने सिस्टम के खिलाफ खुला ऐलान कर दिया है। इलाके की सात प्रमुख सोसायटियों के गेट पर बड़े-बड़े बैनर लगाए गए हैं, जिन पर साफ शब्दों में लिखा है—

“सुविधाएं नहीं तो टैक्स नहीं, सड़क नहीं तो वोट नहीं।”

 

 

 

सात सोसायटियों ने खोला मोर्चा

 

निलाया ग्रीन्स, संचार रेजीडेंसी, मीडो विस्टा समेत सात सोसायटियों के रेजिडेंट्स इस आंदोलन में शामिल हैं। स्थानीय निवासी मुरारीलाल शर्मा का कहना है कि जीडीए ने क्षेत्र को तो बसा दिया, लेकिन बुनियादी सुविधाएं देना भूल गया। बिल्डरों ने सपने दिखाकर फ्लैट बेच दिए और अब लोग नारकीय हालात में रहने को मजबूर हैं।

 

 

 

धरना-प्रदर्शन बेअसर, अब सीधा संदेश

 

रेजिडेंट्स का कहना है कि हम तुम रोड के निर्माण के लिए वर्षों से धरना-प्रदर्शन किए गए, लेकिन न अफसरों पर कोई असर हुआ और न ही जनप्रतिनिधियों पर। मजबूर होकर अब लोगों ने चुनावी बहिष्कार का रास्ता चुना है।

धीरे-धीरे यह विरोध पूरे राजनगर एक्सटेंशन में फैलता नजर आ रहा है। लोग एक सुर में कह रहे हैं कि जब सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नहीं, तो वोट देने का सवाल ही नहीं उठता।

 

 

 

नेताओं के होते हुए भी सड़क बदहाल

 

स्थानीय लोगों का गुस्सा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि क्षेत्र के विधायक सुनील शर्मा वर्तमान में यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। सांसद अतुल गर्ग पिछली सरकार में मंत्री रह चुके हैं और इससे पहले जनरल वी.के. सिंह भी केंद्र सरकार में मंत्री थे। इसके बावजूद आज तक इस सड़क की हालत नहीं सुधरी।

 

 

 

‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के लिए चुनौती

 

जनता के इस कड़े रुख ने गाजियाबाद में भाजपा की तथाकथित ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोसायटियों के गेट पर लगे ये पोस्टर सीधा संदेश दे रहे हैं कि भाजपा के मजबूत वोट बैंक माने जाने वाले इस इलाके में अब चुनावी राह आसान नहीं होगी।

लोगों ने साफ कर दिया है कि जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होता, न वोट पड़ेगा और न ही किसी नेता को सोसायटी में घुसने दिया जाएगा।

 

 

 

सड़क नहीं, अब अधिकारों की लड़ाई

 

निलाया ग्रीन्स के निवासी मनजीत नेगी का कहना है कि यह आंदोलन अब सिर्फ एक सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे इलाके के हक और सम्मान की लड़ाई बन चुका है।

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