
गाजियाबाद: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) अपनी महत्वाकांक्षी नई टाउनशिप ‘हरनंदीपुरम’ को आकार देने में पूरी ताकत झोंक रहा है। इस परियोजना के तहत किसानों से जमीन सर्किल रेट से चार गुना अधिक कीमत पर खरीदी जा रही है। खास बात यह है कि जमीन अधिग्रहण पूरी तरह आपसी सहमति से किया जा रहा है, किसी तरह का दबाव नहीं है।
आठ गांवों की 336 हेक्टेयर जमीन होगी शामिल
हरनंदीपुरम टाउनशिप के लिए कुल आठ गांवों की जमीन ली जा रही है। जीडीए के अनुसार, नगला फिरोज मोहनपुर गांव की जमीन सबसे महंगे रेट पर खरीदी जा रही है, जहां किसानों को 7,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा दिया जा रहा है।
अब तक करीब 55 हेक्टेयर जमीन का बैनामा हो चुका है, जबकि 115 हेक्टेयर जमीन खरीदने की प्रक्रिया जारी है।
1200 करोड़ रुपये खर्च करेगा जीडीए
जीडीए के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि जमीन खरीद और टाउनशिप के विकास पर कुल 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसमें से 400 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत शासन से मांगे गए हैं।
पहले चरण में 350 हेक्टेयर क्षेत्र में टाउनशिप विकसित की जाएगी, जिसमें से 336 हेक्टेयर जमीन किसानों से खरीदी जाएगी।
सेटेलाइट सर्वे से बनेगा टाउनशिप का नक्शा
परियोजना को तेजी से जमीन पर उतारने के लिए जीडीए ने सेटेलाइट सर्वे शुरू कर दिया है।
सर्वे से जमीन की सटीक स्थिति और भौगोलिक जानकारी जुटाई जाएगी।
इसी आधार पर टाउनशिप का पूरा नक्शा और लेआउट तैयार किया जाएगा।