
बिहार की बेटियां आज हर क्षेत्र में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। भोजपुर जिले के आरा की रहने वाली मोनी चौधरी ने नववर्ष 2026 के पहले ही दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार का मान बढ़ाया है। मोनी चौधरी ने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर तिरंगा फहराया और इतिहास रच दिया।
1 जनवरी को रचा इतिहास
मोनी चौधरी ने 1 जनवरी 2026 को सुबह 7:40 बजे किलिमंजारो के सर्वोच्च शिखर ‘उहुरू पीक’ पर कदम रखा। समुद्र तल से 5,895 मीटर (19,341 फीट) की ऊंचाई पर स्थित यह चोटी दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण पर्वत चोटियों में गिनी जाती है। कड़ाके की ठंड, ऑक्सीजन की कमी और दुर्गम रास्तों के बावजूद मोनी ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प के साथ इस अभियान को सफल बनाया।
सात दिनों का कठिन अभियान
यह पर्वतारोहण अभियान सात दिनों तक चला। इस दौरान मोनी को घने वर्षावनों, पथरीले रास्तों, मूरलैंड, अल्पाइन रेगिस्तान और शून्य से नीचे के तापमान जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। महीनों की कड़ी शारीरिक तैयारी, मानसिक मजबूती और अनुशासन ने इस कठिन लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाई।
कौन हैं मोनी चौधरी
मोनी चौधरी भोजपुर जिले के आरा शहर के कतीरा मोहल्ले की रहने वाली हैं। वे मूल रूप से करवां गांव की निवासी और स्वर्गीय सुबोध चौधरी की छोटी बेटी हैं। पेशे से मोनी एक बैंकर हैं और वर्तमान में बिहार ग्रामीण बैंक में प्रबंधक (मैनेजर) के पद पर कार्यरत हैं। बैंकिंग की व्यस्त जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने अपने पर्वतारोहण के जुनून को कभी कम नहीं होने दिया। इससे पहले भी वे कई कठिन पर्वतीय अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनीं मोनी
काम और शौक के बीच संतुलन बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने वाली मोनी चौधरी आज बिहार के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर आरा सहित पूरे भोजपुर जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। लोग उन्हें साहस, संकल्प और मेहनत की मिसाल बता रहे हैं।