Friday, January 16

ईरान की सुरक्षा में अमेरिका-अनुशासन: HQ-9B और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की परीक्षा

तेहरान, 16 जनवरी 2026: अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव के बीच फिलहाल युद्ध टलता हुआ नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तत्काल हमला न करने का फैसला किया है, जबकि ईरान ने भी प्रदर्शनकारियों को फांसी देने से परहेज करने की घोषणा की है। दोनों पक्ष राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी रखे हुए हैं।

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सऊदी अरब और कतर सहित अमेरिका के सहयोगी देशों ने भी ट्रंप को ईरान पर हमला करने से रोकने की सलाह दी थी। विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप ईरान पर तेज और निर्णायक हमला करने की योजना बना रहे थे, लेकिन पेंटागन ने चेताया कि इसे वेनेजुएला की तरह आसानी से निपटाना संभव नहीं होगा।

इस बीच ईरान ने अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रूस के S-400 और चीन के HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम पर भरोसा किया है। ये लंबी दूरी तक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से लैस हैं और अमेरिका के संभावित हवाई हमलों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, HQ-9B चीन का सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम है और S-400 ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में अपनी क्षमता साबित की है। ईरान लगातार अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार कर रहा है, जिससे अमेरिका को संभावित हमले में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

चीन भी इस सिस्टम को लेकर सतर्क है, क्योंकि यदि अमेरिका हमला करता है तो HQ-9B की ताकत और कमजोरी दोनों का परीक्षण हो सकता है। वहीं, अमेरिका को भी चेतावनी है कि ईरान पर हमला करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ईरान में अमेरिकी हमले की स्थिति में चीन और रूस के एयर डिफेंस सिस्टम की वास्तविक क्षमता सामने आएगी।

ईरान का यह कदम ताइवान में चीन की सुरक्षा नीति के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वहां भी अमेरिका और उसके हथियारों के साथ प्रत्यक्ष टकराव की संभावना है।

 

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