
जयपुर: भारतीय सेना की ताकत में एक नया और अत्याधुनिक अध्याय जुड़ गया है—भैरव बटालियन। सेना दिवस पर जयपुर में आयोजित परेड के दौरान जब इस नई यूनिट के जांबाज सैनिकों ने कदमताल की, तो दर्शक जोश और गर्व से भर उठे।
भैरव बटालियन भारतीय सेना की नई, छोटी लेकिन बेहद घातक लड़ाकू यूनिट है, जिसे हर समय और हर परिस्थिति में युद्ध के लिए तैयार रखा गया है। इस बटालियन में करीब 250 विशेष रूप से प्रशिक्षित सैनिक शामिल हैं, जो आधुनिक तकनीक और तेज कार्रवाई में माहिर हैं।
स्पेशल फोर्स और इन्फैंट्री के बीच सेतु
भैरव बटालियन को स्पेशल फोर्सेज और नियमित इन्फैंट्री के बीच की कड़ी के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य स्पेशल फोर्सेज को अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक मिशनों के लिए मुक्त करना है। यह यूनिट कोर और डिवीजन स्तर पर तैनात की जा रही है।
सीमाओं पर तैनाती, हर वक्त तैयार
भैरव बटालियन के जवानों को राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और नॉर्थ-ईस्ट जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात किया गया है। इन्हें “आज रात ही लड़ो” की अवधारणा पर तैयार किया गया है, यानी बिना किसी लंबी तैयारी के तुरंत कार्रवाई करने में सक्षम।
सेना के हर अंग से चुने जाते हैं जवान
इस यूनिट में जवान इन्फैंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस, सिग्नल और अन्य सपोर्ट यूनिट्स से चुने जाते हैं। इन्हें जमीनी लड़ाई, ड्रोन ऑपरेशन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और तेज हमलों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
आधुनिक युद्ध के लिए आधुनिक सोच
भैरव बटालियन के एक कमांडिंग ऑफिसर के अनुसार,
“आज के युद्ध हाइब्रिड हैं। तेजी, तकनीक और सटीकता ही जीत की कुंजी है। भैरव बटालियनें सेना के पुनर्गठन का अहम हिस्सा हैं, जिन्हें भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।”
अब तक 15 भैरव बटालियनें तैयार हो चुकी हैं, जबकि 25 और बटालियनें गठित करने की योजना है। जल्द ही यह यूनिट गणतंत्र दिवस परेड में भी कर्तव्य पथ पर कदमताल करती नजर आएगी।
भैरव बटालियन भारतीय सेना की उस नई सोच का प्रतीक है, जो देश की सुरक्षा को और अधिक तेज, मजबूत और आधुनिक बना रही है।