
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से अलग करने वाले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव इस मकर संक्रांति पर अपने बेटे के घर पहुंचे। तेज प्रताप के घर आयोजित दही-चूड़ा भोज में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक और पारिवारिक स्तर पर सुलह के नए संकेत दे दिए हैं।
तेज प्रताप ने इस मौके पर राबड़ी आवास जाकर अपने माता-पिता और छोटे भाई तेजस्वी यादव को आमंत्रित किया। इसके साथ ही राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित तमाम राजनीतिक दिग्गजों को भी बुलाया गया।
महाभारत की शुरुआत:
यह विवाद पिछले विधानसभा चुनाव के समय तेज प्रताप के फेसबुक पर 12 साल पुराने प्रेम संबंध के खुलासे से शुरू हुआ था। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए लालू प्रसाद ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया और पारिवारिक रिश्ते भी कट गए।
जनशक्ति जनता दल से नई राह:
पार्टी से निष्कासित होने के बाद तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई और उम्मीदवार मैदान में उतारे। इस कदम से उनकी राजनीतिक पकड़ भी दिखी।
भविष्य की राह:
लालू यादव और राबड़ी देवी ने इस भोज में शामिल होकर अपने बेटे को आशीर्वाद दिया। अब सभी की निगाहें छोटे भाई तेजस्वी यादव पर हैं, कि क्या वे भी इस सुलह में शामिल होंगे और पूरी पारिवारिक दूरियां मिटेंगी।