Wednesday, January 14

हिमाचल का रक्षित चौहान वेनेजुएला से रिहा, परिवार में खुशी की लहर

 

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शिमला: वेनेजुएला से निकले रूसी झंडे वाले तेल टैंकर पर तैनात भारतीय क्रू मेंबर्स को अमेरिकी सेना ने रिहा कर दिया है। इसमें हिमाचल प्रदेश के 26 वर्षीय युवक रक्षित चौहान भी शामिल हैं। रक्षित की रिहाई की खबर सुनते ही उनके परिवार में खुशी का माहौल बन गया है।

 

रक्षित कांगड़ा जिले के पालमपुर के रानी सिद्धपुर गांव के रहने वाले हैं और एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। वे मर्चेंट नेवी ऑफिसर हैं और अगस्त 2025 में एक रूसी शिपिंग कंपनी के जहाज से जुड़े थे। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर जहाजों में क्रू मेंबर के रूप में काम करने वाले रक्षित हाल ही में उस जहाज का हिस्सा थे, जिस पर रूसी झंडा लगा हुआ था और जिसे वेनेजुएला के पास अमेरिकी अधिकारियों ने जब्त किया था।

 

उनके बड़े भाई राहुल चौहान ने बताया कि रक्षित से आखिरी बार 7 जनवरी को बात हुई थी। तब रक्षित ने कहा था कि कुछ समय तक परिवार से संपर्क नहीं हो पाएगा क्योंकि वह ऐसे इलाके में रहेगा जहाँ नेटवर्क की समस्या रहती है। इसके कुछ दिन बाद परिवार को जानकारी मिली कि जिस जहाज पर रक्षित क्रू मेंबर थे, उसे अमेरिकी अधिकारियों ने कब्जे में ले लिया है।

 

रक्षित की मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेटे की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई थी और विदेश मंत्री एवं राज्य सरकार से भी मदद की अपील की थी। अब उनके रिहा होने से परिवार ने राहत की सांस ली है। रक्षित की शादी 19 फरवरी को तय है और परिवार उनका स्वागत धूमधाम से करने की तैयारी में जुट गया है।

 

रक्षित की सुरक्षित वापसी:

 

उम्र: 26 वर्ष

पेशा: मर्चेंट नेवी ऑफिसर

परिवार: किसान परिवार, पालमपुर, कांगड़ा

खास बात: अगले महीने शादी होने वाली है

 

रक्षित की रिहाई ने न सिर्फ उनके परिवार को खुशी दी है बल्कि पूरे इलाके में उत्साह और गर्व का माहौल बना दिया है।

 

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