Sunday, February 8

वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली में औद्योगिक कॉरिडोर, पलायन रोकेगी फैक्ट्रियों की दीवार

 

This slideshow requires JavaScript.

 

उत्तर प्रदेश सरकार पूर्वांचल के जिलों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कदम उठा रही है। वाराणसी, गाजीपुर और चंदौली में नए औद्योगिक कॉरिडोर और पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे पलायन की समस्या कम होगी और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

 

वाराणसी में शहंशाहपुर में 188 एकड़ जमीन पर नया इंडस्ट्रियल एरिया विकसित होगा, जिसमें लगभग 100 फैक्ट्रियों के लिए जगह उपलब्ध होगी। गाजीपुर के मुहम्मदाबाद में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे 1000 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण होगा, जिससे पिछड़े गांवों की तस्वीर बदलेगी और किसानों को बेहतर मुआवजा मिलेगा।

 

चंदौली में पीडीडीयू नगर-चकिया मार्ग पर औद्योगिक पार्क बनेगा, जिसमें 75 औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थापित किए जाएंगे। इस पहल में रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन ने जमीन की खरीदारी शुरू कर दी है।

 

पूर्वांचल का औद्योगिक इतिहास भी लंबा है। वाराणसी में 1949 में चांदपुर इंडस्ट्रियल एरिया और 2001 में करखियांव एग्रो पार्क बने। गाजीपुर में नंदगंज में 2015 में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया, जबकि मऊ, मिर्जापुर, बलिया और भदोही में पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं की कमी और बंद कारखानों की समस्या रही।

 

अब नई औद्योगिक पहल और ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण से पूर्वांचल में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन की समस्या कम होगी।

 

Leave a Reply