
बिहार में अब हर किसान के पास ‘फार्मर आईडी’ होना अनिवार्य कर दिया गया है। इस आईडी के बिना भविष्य में कोई भी किसान सरकारी सहायता या अनुदान का लाभ नहीं ले पाएगा।
मुख्य सचिव के आदेश पर राज्य की सभी पंचायतों में फार्मर आईडी बनाने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में किसानों का आईडी बनाने के साथ-साथ ई-केवाईसी भी जारी किया जा रहा है। डीएओ शांतनु कुमार ने बताया कि आईडी और ई-केवाईसी दोनों ही किसानों के लिए जरूरी हैं। यदि किसान इस प्रक्रिया में पीछे रहेंगे, तो उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
किसान बना सकते हैं फार्मर आईडी तीन तरीकों से:
- कृषि समन्वयक एवं राजस्व कर्मचारी के माध्यम से शिविर में जाकर।
- सीएससी केंद्र/वसुधा केंद्र के जरिए।
- स्वयं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा कर।
लापरवाही पर कार्रवाई
फार्मर आईडी बनाने में शिथिलता बरतने वाले 22 सीएससी संचालकों का आईडी बंद कर दिया गया है। इसमें रियाज अहमद, नीतीश कुमार, सुजीत कुमार, राहुल कुमार, प्रशांत पासवान, नीरज कुमार, मणि भूषण कुमार चौधरी, अश्विनी कुमार, आशुतोष रंजन, कृष्ण कुमार, अरशद रेजा, नदीम, रंजन कुमार, श्यामबाबू कुमार, अभिषेक कुमार, शुभम कुमार, अविनाश कुमार, जितेश कुमार, पंकज कुमार और अमरजीत राम शामिल हैं। यह जानकारी सीएससी के जिला समन्वयक सागर कुमार ने दी।
शासन की ओर से किसानों से अपील की गई है कि वे समय रहते फार्मर आईडी और ई-केवाईसी बनवाएं, ताकि वे सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें।