
घर में कॉकरोच दिखाई देना न केवल घिन पैदा करता है बल्कि यह कई बीमारियों का कारण भी बन सकता है। अधिकतर लोग इन्हें देखते ही चप्पल से कुचल देते हैं, लेकिन यूट्यूबर अंकुर नंदन का मानना है कि यह तरीका सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। अंकुर ने एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका बताया है, जिससे बिना जहरीले रसायनों के घर को कॉकरोच-मुक्त बनाया जा सकता है।
कॉकरोच को कुचलना क्यों है खतरनाक?
अंकुर नंदन के अनुसार, कॉकरोच के शरीर में साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए जाते हैं। इन्हें कुचलने पर ये बैक्टीरिया फर्श और जूतों के माध्यम से पूरे घर में फैल सकते हैं। साथ ही, कॉकरोच के अंडे कुचलने के बाद भी जीवित रह सकते हैं, जिससे उनकी संख्या और बढ़ सकती है। इसलिए, प्राकृतिक तरीके अपनाना ही समझदारी है।
नीम का तेल – एक प्राकृतिक कीटनाशक
नीम के तेल में मौजूद एजाडिरैच्टिन नामक तत्व कॉकरोच की प्रजनन क्षमता को रोकता है और उन्हें घर से दूर रखता है। नीम की गंध कॉकरोच को बिल्कुल पसंद नहीं होती। बाजार में मिलने वाले जहरीले स्प्रे के मुकाबले नीम का तेल मानव और पालतू जानवरों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
नीम की पत्तियों का इस्तेमाल
यदि नीम का तेल उपलब्ध न हो, तो ताजी या सूखी नीम की पत्तियों का भी उपयोग किया जा सकता है। इन्हें रसोई के कोनों या अनाज के डिब्बों के पास रखने से कॉकरोच दूर रहते हैं।
नीम स्प्रे बनाने का तरीका
अंकुर नंदन का सुझाव है कि एक गिलास पानी में 10-15 बूंदें शुद्ध नीम का तेल मिलाकर इसे स्प्रे बोतल में भर लें। इसे उन जगहों पर छिड़कें जहां कॉकरोच सबसे अधिक दिखाई देते हैं, जैसे:
- सिंक के नीचे
- नालियों के पास
- अलमारी के पीछे
- फ्रिज के नीचे
रात के समय छिड़काव जरूरी
कॉकरोच रात में सबसे अधिक सक्रिय होते हैं। अंकुर नंदन सलाह देते हैं कि नीम स्प्रे रात को सोने से पहले करें। रसोई की सफाई के बाद गैस स्टोव और नालियों के मुहाने पर स्प्रे करने से रात भर कॉकरोच घर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
सफाई और रोकथाम के टिप्स
स्प्रे के साथ-साथ घर की सफाई भी जरूरी है। गंदगी कॉकरोच को आकर्षित करती है। रात को बर्तन सिंक में न छोड़ें और फर्श पर खाना न गिरने दें। नीम स्प्रे और घर की दरारों को बंद करने से कॉकरोच का पुनः आना मुश्किल हो जाता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट स्रोतों पर आधारित है। नवभारतटाइम्स इसकी पूर्ण सत्यता की गारंटी नहीं देता।