Monday, January 12

दुश्मन के टैंक का खात्मा अब DRDO की नई मिसाइल से मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का सफल परीक्षण, ऊपरी हिस्से को निशाना बनाकर कर देगी नष्ट

 

This slideshow requires JavaScript.

नई दिल्ली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मैन-पोर्टेबल एंटीटैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल चलते-फिरते दुश्मन के टैंकों को ऊपर से निशाना बनाकर मार गिराने में सक्षम है। इसे कंधे पर रखकर आसानी से चलाया जा सकता है, और यह टैंकों के कमजोर ऊपरी हिस्से को भेदने के लिए डिज़ाइन की गई है।

 

परीक्षण की जानकारी

DRDO की हैदराबाद स्थित डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL) ने महाराष्ट्र के अहिल्या नगर, केके रेंज में इस मिसाइल का परीक्षण किया। यह तीसरी पीढ़ी की मैनपोर्टेबल एंटीटैंक गाइडेड मिसाइल है और इसमें ऊपरी हिस्से पर हमला करने की क्षमता है।

 

मिसाइल की खासियत

  • इमेजिंग इन्फ्रारेड (IIR) होमिंग सीकर: लक्ष्य की पहचान और सटीक निशाना लगाने में मदद।
  • इलेक्ट्रिक कंट्रोल एक्चुएशन सिस्टम: मिसाइल की दिशा और गति का नियंत्रण।
  • फायर कंट्रोल सिस्टम: लॉन्च से पहले लक्ष्य को लॉक करने में सक्षम।
  • टैंडम वारहेड: दुश्मन के कवच को भेदने में प्रभावी।
  • प्रोपल्शन और साइटिंग सिस्टम: मिसाइल को उड़ान और लक्ष्य पर निशाना लगाने की शक्ति प्रदान करता है।

 

सहयोगी प्रयोगशालाएँ

इस मिसाइल की सभी आधुनिक तकनीकें DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं ने विकसित की हैं:

  • हैदराबाद: रिसर्च सेंटर इमेरेट (RCI)
  • चंडीगढ़: टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL)
  • पुणे: हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL)
  • देहरादून: इंस्ट्रूमेंट्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (IRDE)

 

विशेषज्ञों की राय

सैनिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह मिसाइल भारत की रक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाएगी और टैंकों के लिए गंभीर खतरा साबित होगी। DRDO की यह सफलता देश की रक्षा तकनीक में बढ़ती क्षमता का प्रतीक है।

 

Leave a Reply