
भोपाल। राजधानी के कोलार थाना क्षेत्र में अगस्त 2025 में सामने आए 10वीं कक्षा की छात्रा की मौत के मामले ने चार महीने बाद सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। जिस घटना को पुलिस अब तक आत्महत्या मानकर जांच कर रही थी, वह दरअसल दुष्कर्म से जुड़ा गंभीर अपराध निकला। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में छात्रा के साथ यौन शोषण की पुष्टि होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
फांसी के रूप में मिला था शव, नहीं मिला था सुसाइड नोट
17 अगस्त 2025 को 17 वर्षीय छात्रा का शव उसके घर में फंदे पर लटका मिला था। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ था। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने किसी गहरे संदेह के बिना मामले को सामान्य आत्महत्या मानते हुए जांच शुरू की थी। हालांकि प्रक्रिया के तहत छात्रा के नमूने जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे।
FSL रिपोर्ट ने बदली पूरी कहानी
घटना के 132 दिन बाद आई फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पुलिस की शुरुआती थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया। रिपोर्ट में छात्रा के गुप्तांग में अन्य मानव के शुक्राणु पाए गए, जिससे यह साफ हो गया कि मौत से पहले उसके साथ दुष्कर्म हुआ था। इस खुलासे ने मामले को आत्महत्या से हटाकर घिनौने अपराध की श्रेणी में ला खड़ा किया है।
अज्ञात आरोपी पर पोक्सो एक्ट में केस दर्ज
कोलार थाना पुलिस ने अब अज्ञात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी एसआई जितेंद्र केवट के अनुसार, प्रकरण की अब नए सिरे से गहन जांच की जा रही है।
कॉल डिटेल और CCTV से खुल सकता है सच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना वाले दिन छात्रा के घर कौन आया था, उसने मौत से पहले किससे बातचीत की थी और किन हालात में यह अपराध हुआ। इसके लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इन तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंचा जा सकेगा।
जांच पर उठे सवाल
चार महीने तक मामले को आत्महत्या मानकर चलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि बदली हुई जांच दिशा में पुलिस कितनी तेजी और संवेदनशीलता से पीड़िता को न्याय दिला पाती है।